CHB को खुद पर नहीं भरोसा, क्वालिटी एश्योरैंस के लिए कंट्रोलर करेगा हायर

Edited By pooja verma,Updated: 19 Aug, 2019 04:03 PM

chb not confident in itself haier will control for quality assurance

चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड (सी.एच.बी.) सैक्टर-9 स्थित अपने परिसर में ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण करवा रहा है। बोर्ड ने काम में देरी की शंका जताते हुए कांट्रैक्टर को निर्देश दिए हैं कि इसका काम जल्दी पूरा किया जाना चाहिए।

चंडीगढ़ (राजिंद्र): चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड (सी.एच.बी.) सैक्टर-9 स्थित अपने परिसर में ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण करवा रहा है। बोर्ड ने काम में देरी की शंका जताते हुए कांट्रैक्टर को निर्देश दिए हैं कि इसका काम जल्दी पूरा किया जाना चाहिए। 

 

साथ ही बोर्ड बिल्डिंग की चैकिंग के लिए क्वालिटी एश्योरैंस कंट्रोल हायर करने जा रहा है। आई.क्यू.ए.सी. ये चैकिंग करेगी कि बिल्डिंग में किसी भी प्रकार की कोई कमी पेशी न हो। साथ ही बिल्डिंग में गुणवत्ता का ध्यान रखा गया है या नहीं, इसे लेकर भी वह चैकिंग करेगी।

 

उम्मीद के मुताबिक नहीं हो रहा बिल्डिंग का काम 
इस संबंध में चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने कांट्रैक्ट को निर्देश दिए हैं कि बिल्डिंग का निर्माण कार्य में तेजी कई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस हिसाब से उन्होंने उम्मीद की थी, उस मुताबिक बिल्डिंग का काम नहीं हो रहा है। 

 

उन्होंने कहा कि इसके अलावा वह बिल्डिंग की चैकिंग के लिए क्वालिटी एंश्योरैंस कंट्रोल भी हायर करने जा रहे हैं। इसका टैंडर जारी कर दिया गया है। इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त है। बोर्ड की ये सेवन स्टोरी ग्रीन बिल्डिंग बननी है। बिल्डिंग का काम बोर्ड ने दिल्ली की एक कंपनी 

 

जी.एस.बी.ए. को अलॉट किया था, जिसके बाद ही गत वर्ष दिसम्बर में प्रशासक ने इस बिल्डिंग का नींव पत्थर रखा था। बी ब्लॉक बिल्डिंग का निर्माण कार्य 1,31,420 स्क्वेयर फीट एरिया में 57.94 करोड़ रुपए की लागत से पूरा होना है। नई बिल्डिंग के बाद सी.एच.बी. के दोनों ए और सी ब्लॉक इसी बिल्डिंग में शिफ्ट होने है।

 

वाटर लाइन आने के कारण रुका था काम  
इससे पहले बिल्डिंग का काम शुरू होने के बाद ही कुछ दिनों में इसका निर्माण कार्य रुक गया था और कुछ दिन बाद इसे दोबारा शुरू किया जा सका था। इसका कारण ये था कि सी.एच.बी. परिसर में जिस जगह पर ये बिल्डिंग बन रही है, उसके नीचे से निगम की वाटर लाइन गुजरती थी। यही कारण है कि निगम द्वारा इस वाटर लाइन को पहले शिफ्ट किया गया था, जिसके बाद ही बिल्डिंग का निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो सका था। 

 

बोर्ड गोल्ड रेटिंग ग्रीन बिल्डिंग बना रहा
बोर्ड यहां अपनी गोल्ड रेटिंग ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण कर रहा है। इसमें रेन वाटर हार्वेसिं्टग सिस्टम के साथ ही सोलर पैनल सिस्टम भी लगाया जाएगा। इसके अलावा एफिसिएंट वाटर लो, एनर्जी एफिसिएंट वी.आर.वी. सिस्टम, सीडी मॉनिटरिंग बेस्ड कार पार्किंग वेंटिलेशन सिस्टम, एल.ई.डी. एफिसिएंट इंटीरियर लाइटिंग और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एस.टी.पी.) लगाया जाएगा। एस.टी.पी. से ट्रीट होने वाले पूरे वाटर को बिल्डिंग में ही इस्तेमाल किया जाना है। 

 

इस बिल्डिंग में दो बेसमैंट पार्किंग में 221 वाहनों को पार्क करने की क्षमता होगी, जिसमें से केवल 33 वाहन ही सरफेस पर पार्क किए जा सकेंगे। इलैक्ट्रिक वाहनों की चाॄजग के लिए चाॄजग स्पॉट भी बनाया जाएगा। इसके अलावा बिल्डिंग मैनेजमैंट सैंटर बनाया जाएगा, जिससे इस सैंटर में बैठा कर्मी पूरी बिल्डिंग को कंट्रोल कर सकेगा, जिसमें एयर कंडीशनर, लाइटिंग और अन्य सॢवसेज होंगी।
 

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