Edited By Mansi,Updated: 11 Sep, 2026 11:29 AM

यहां पढ़ें कैसी है सीरीज द रिवोल्यूशनरीज
फिल्म: द रिवोल्यूशनरीज (The Revolutionaries)
कलाकार : भुवन बाम (Bhuvan Bam), रोहित सराफ (Rohit Saraf), गुरफतेह पीरजादा (Gurfateh Pirzada), प्रतिभा रांता (Pratibha Ranta), जेसन शाह (Jason Shah)
निर्देशक :निखिल आडवाणी (Nikkhil Advani)
निर्देशन : 2.5*
The Revolutionaries: आजादी की लड़ाई की कहानी अक्सर कुछ गिने-चुने नामों के इर्द-गिर्द सिमट जाती है, लेकिन भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में ऐसे भी कई क्रांतिकारी थे, जिनकी कहानियां इतिहास के पन्नों में कहीं पीछे छूट गईं। इन्हीं अनसुने और जांबाज क्रांतिकारियों की कहानी लेकर आई है Prime Video की नई सीरीज द रिवोल्यूशनरीज। निखिल आडवाणी के निर्देशन में बनी इस सीरीज में भुवन बाम, रोहित सराफ, प्रतिभा रांटा और गुरफतेह पीरजादा नजर आ रहे हैं। आइए जानते हैं कैसी है सीरीज द रिवोल्यूशनरीज।
कहानी
संजीव सान्याल की चर्चित किताब ‘रिवोल्यूशनरीज: द अदर स्टोरी ऑफ हाउ इंडिया वन इट्स फ्रीडम’ से प्रेरित यह सीरीज आजादी की उस कहानी को सामने लाती है, जिसे अक्सर इतिहास के पन्नों में पीछे छोड़ दिया जाता है। जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। चारों ओर ब्रिटिश हुकूमत का दबदबा था, लेकिन इसी अंधेरे के बीच कुछ ऐसे लोग भी थे, जिन्होंने आजादी का सपना देखने की हिम्मत की। ‘द रिवोल्यूशनरीज’ उन्हीं गुमनाम और जांबाज क्रांतिकारियों की कहानी को पर्दे पर लेकर आई है सीरीज में भुवन बाम, रोहित सराफ, प्रतिभा रांटा और गुरफतेह पीरजादा क्रमशः रास बिहारी बोस, सचिंद्र नाथ सान्याल, प्रतिभा लाहिरी और बाघा जतिन जैसे क्रांतिकारी किरदारों में है। इन किरदारों के जरिए कहानी उस दौर में ले जाती है, जब देश के लिए लड़ना सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि अपनी जान जोखिम में डालने जैसा था।

निर्देशन
सीरीज का निर्देशन निखिल आडवाणी ने किया है। इससे पहले भी वह इस तरह के प्रोजेक्ट बना चुके हैं लेकिन इस बार वो बात नजर नही आई जो हर बार उनके काम में दिखती थी। ‘द रिवोल्यूशनरीज’ आजादी की लड़ाई की कहानी को एक अलग नजरिए से सामने लाने की कोशिश करती है। सीरीज की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी धीमी रफ्तार बन जाती है। कई जगह एपिसोड जरूरत से ज्यादा लंबे महसूस होते हैं और कुछ सीन कहानी को आगे बढ़ाने के बजाय उसे खींचते हुए नजर आते हैं। स्क्रीनप्ले की बात करें तो इसमें क्रांतिकारी आंदोलन के राजनीतिक और व्यक्तिगत पहलुओं को साथ लेकर चलने की कोशिश की गई है। सचिन्द्र नाथ सान्याल और प्रतिभा लाहिड़ी की लव स्टोरी कहानी में एक अलग ट्रैक के तौर पर आती है, लेकिन यह मुख्य कथा के मुकाबले कुछ हद तक बेमेल महसूस होती है। देशभक्ति का जज्बा कहानी का अहम हिस्सा है, लेकिन कुछ जगहों पर वह इमोशनल स्तर पर दर्शकों से उस तरह कनेक्ट नहीं कर पाता।

एक्टिंग
अभिनय के मोर्चे पर ‘द रिवोल्यूशनरीज’ की कास्ट सीरीज की मजबूत कड़ियों में से एक है। रोहित सराफ, गुरफतेह पीरजादा और प्रतिभा रांटा ने अपने-अपने किरदारों के साथ न्याय किया है। गुरफतेह पीरजादा स्क्रीन पर एक अलग और ज्यादा मैच्योर अंदाज में नजर आते हैं। उनके अभिनय में ठहराव दिखाई देता है और वह अपने किरदार की गंभीरता को अच्छी तरह पकड़ते हैं। भुवन बाम को गंभीर भूमिका में देखना भी दिलचस्प है। उन्होंने अपने किरदार को ओवरड्रामैटिक बनाने के बजाय संयम के साथ निभाया है। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और गंभीर अभिनय किरदार को विश्वसनीय बनाते हैं। वहीं, रोहित सराफ ने क्रांतिकारी के किरदार में अपने पिछले काम से अलग छाप छोड़ने की कोशिश की है। प्रतिभा रांटा भी अपने किरदार में सहज नजर आती हैं और कहानी के भावनात्मक हिस्से को संभालने में उनका अभिनय प्रभावी है।