Edited By jyoti choudhary,Updated: 09 Sep, 2026 03:34 PM

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। पश्चिमी एशिया में बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव के बीच सेंसेक्स 813.35 अंक टूटकर 74,764.23 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी भी 203.60 अंक फिसलकर 23,431.50 के स्तर पर बंद हुआ।
मुंबईः बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। पश्चिमी एशिया में बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव के बीच सेंसेक्स 813.35 अंक टूटकर 74,764.23 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी भी 203.60 अंक फिसलकर 23,431.50 के स्तर पर बंद हुआ।
शेयर बाजार में गिरावट के कारण
अमेरिका-ईरान तनाव ने बढ़ाई चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट के सेंटीमेंट को प्रभावित किया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले को अमेरिकी हमलों के जवाब में किया गया 'सजा देने वाला ऑपरेशन' बताया।
इस घटनाक्रम के बाद पश्चिमी एशिया में संघर्ष बढ़ने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर दुनियाभर के वित्तीय बाजारों पर देखने को मिल रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
पश्चिमी एशिया में तनाव बढ़ने के साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 2% चढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए चिंता का विषय है। इससे महंगाई, कंपनियों की लागत और देश के चालू खाते पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
IT सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव
आज के कारोबार में आईटी सेक्टर बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव डाल रहा है। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 3% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि, मेटल और फार्मा सेक्टर में कुछ मजबूती दिखाई दे रही है, लेकिन ज्यादातर सेक्टर इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी अन्य प्रमुख निफ्टी सेक्टर इंडेक्स में 1% या उससे ज्यादा की गिरावट नहीं है।
India VIX में भी तेजी
बाजार में बढ़ी घबराहट का असर India VIX पर भी दिखाई दे रहा है। India VIX, जो शेयर बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाला प्रमुख इंडिकेटर है, फिलहाल 3.31% की बढ़त के साथ 11.61 पर पहुंच गया है।
VIX में तेजी आमतौर पर बाजार में आने वाले समय में अधिक वोलैटिलिटी की आशंका का संकेत देती है। ऐसे में पश्चिमी एशिया से जुड़ी खबरों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।