Edited By Tanuja,Updated: 08 Oct, 2026 11:56 AM

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के 7 अक्टूबर हमास हमले की तीसरी बरसी पर दिए बयान से अमेरिका में विवाद बढ़ गया। उन्होंने हमास के हमले में मारे गए इजराइलियों के प्रति संवेदना जताने के साथ गाजा में फलस्तीनियों की मौतों और अमेरिकी समर्थन का मुद्दा...
New York: अमेरिका में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के 7 अक्टूबर के हमास हमले की तीसरी बरसी पर दिए बयान को लेकर अमेरिका में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। ममदानी ने अपने संदेश की शुरुआत हमास के हमले में मारे गए और बंधक बनाए गए इजराइलियों के प्रति संवेदना जताकर की, लेकिन इसके तुरंत बाद गाजा में इजराइली कार्रवाई और अमेरिकी समर्थन पर तीखी टिप्पणी की। इसके बाद दोनों दलों के नेताओं और अन्य राजनीतिक हस्तियों ने उनकी आलोचना की।ममदानी ने कहा कि 7 अक्टूबर का दिन न्यूयॉर्क के बहुत से लोगों के लिए बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने हमास के हमले में 1,100 से अधिक इजराइलियों की मौत और 251 लोगों के अपहरण का उल्लेख किया तथा कहा कि वह उन लोगों के दुख में शामिल हैं जो आज भी उस नुकसान को झेल रहे हैं।
ममदानी ने इसके बाद कहा कि पीड़ा 7 अक्टूबर से शुरू या उसी दिन खत्म नहीं हुई, बल्कि गाजा में जारी युद्ध के दौरान भी जारी रही। उन्होंने इजराइली सरकार पर गाजा में बड़े पैमाने पर जनहानि के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया और फिलीस्तीनियों की मौतों का आंकड़ा 74,000 से अधिक बताया, जिसमें उनके अनुसार 21,000 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं। उन्होंने युद्धविराम के बाद भी फिलीस्तीनियों की मौत होने का दावा किया और इजराइल पर अस्पतालों के बाहर खड़ी एंबुलेंस, आवासीय इमारतों और पत्रकारों को निशाना बनाने तथा मानवीय सहायता रोकने जैसे आरोप लगाए।

ममदानी ने अमेरिकी सरकार की भी आलोचना की और कहा कि अमेरिकी करदाताओं का पैसा इन कार्रवाइयों में इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने कब्जे और रंगभेद की व्यवस्था को समाप्त करने तथा युद्ध अपराधों के लिए जवाबदेही की मांग की। ममदानी के बयान पर डेमोक्रेट सांसद जेरेड मॉस्कोविट्ज ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मेयर के बयान का अर्थ यह निकलता है कि यहूदियों की मौत पर उन्होंने केवल औपचारिक संवेदना जताई और फिर उसकी जिम्मेदारी भी इजराइल पर डाल दी। उन्होंने ममदानी के बयान को बेहद खराब बताया और कहा कि यह तो ‘चुंबन के साथ तमाचा’ जैसा है।

पूर्व रिपब्लिकन सांसद और बाद में डेमोक्रेट बने जो वॉल्श ने भी ममदानी की आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मेयर 7 अक्टूबर की बरसी पर कम से कम एक दिन केवल इजराइल में मारे गए लोगों के शोक के लिए नहीं रख सकते थे। पूर्व अमेरिकी सैन्य अधिकारी और सीनेट उम्मीदवार रहे अलेक्जेंडर विंडमैन ने भी ममदानी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस समय दिए गए बयान से डेमोक्रेट पार्टी और डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट ऑफ अमेरिका से जुड़े उम्मीदवारों के लिए राजनीतिक मुश्किलें पैदा हो सकती हैं। उनके मुताबिक, जब डेमोक्रेट पार्टी उदारवादी और स्वतंत्र मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है, उसी समय ममदानी का बयान विवाद को बढ़ा सकता है।

दिलचस्प बात यह है कि ममदानी को केवल दक्षिणपंथी या इजराइल समर्थक आलोचना का सामना नहीं करना पड़ा। फिलीस्तीन समर्थक और इजराइल विरोधी कुछ समूहों ने भी इस सप्ताह उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। स्टूडेंट्स फॉर जस्टिस इन पैलेस्टाइन से जुड़े समूहों ने न्यूयॉर्क सिटी हॉल के सामने प्रदर्शन कर ममदानी पर फिलीस्तीनियों के मुद्दे से पीछे हटने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के प्रचार में ममदानी के रुख को ‘समझौता’ बताया गया। हालांकि, इस समूह की ओर से 7 अक्टूबर के हमलावरों की प्रशंसा किए जाने को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ।