Edited By Tanuja,Updated: 26 Sep, 2026 11:52 AM

संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण के दौरान कई देशों के प्रतिनिधियों ने विरोध जताया और सभागार से बाहर चले गए। नेतन्याहू ने गाजा में इजराइल की कार्रवाई का बचाव किया, ईरान और हिजबुल्लाह को चेतावनी दी, ट्रंप की...
Washington: संयुक्त राष्ट्र महासभा का मंच गुरुवार को उस समय अचानक विरोध का केंद्र बन गया, जब इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भाषण देने पहुंचे। नेतन्याहू के मंच पर आते ही कई देशों के प्रतिनिधियों ने विरोध जताया और बड़ी संख्या में प्रतिनिधि सभागार से बाहर चले गए। इसके बाद नेतन्याहू करीब तीन मिनट तक मंच पर खड़े रहे और फिर अपने भाषण की शुरुआत की। भाषण में उन्होंने गाजा युद्ध, ईरान और हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइल की कार्रवाई का बचाव किया और अपने विरोधियों पर तीखे हमले किए। नेतन्याहू जैसे ही संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर पहुंचे, सभागार में विरोध की स्थिति बन गई। खबर के मुताबिक करीब 75 देशों के प्रतिनिधियों ने विरोध जताते हुए हॉल से बाहर जाने का रास्ता चुना। इस दौरान नेतन्याहू कुछ समय तक मंच पर खड़े रहे।
करीब तीन मिनट बाद उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत की और विरोध करने वाले प्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘कायर’ कहकर संबोधित किया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी और उनके बाहर जाने के कारणों को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।नेतन्याहू ने अपने भाषण में 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले का जिक्र करते हुए गाजा में इजराइल की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि हमास के आतंकवादियों ने इजराइल में जिस तरह हमला किया, वह बेहद भयावह था। नेतन्याहू ने इजराइल पर नरसंहार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इजराइल ने नरसंहार नहीं किया, बल्कि उसे रोकने की कोशिश की। उन्होंने हमास के समर्थकों पर यहूदियों के खिलाफ हिंसा की मंशा रखने का आरोप भी लगाया।
ईरान को लेकर भी दी कड़ी चेतावनी
नेतन्याहू ने ईरान की मिसाइल क्षमता का उल्लेख करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रतिनिधियों के सामने सवाल रखा कि अगर एक भारी ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल संयुक्त राष्ट्र की इमारत पर गिर जाए तो क्या होगा। उन्होंने ईरान के नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा कि तेहरान के शासक अपने ही नागरिकों से डरते हैं।इसी दौरान उन्होंने स्टारलिंक का एक उपकरण भी मंच पर दिखाया। नेतन्याहू ने कहा कि इस तरह की तकनीक के जरिए ईरान के लोग इंटरनेट और सामाजिक माध्यमों का इस्तेमाल कर अपनी बात दुनिया तक पहुंचा सकते हैं।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल के लिए छोड़ा स्टारलिंक उपकरण
नेतन्याहू ने कहा कि वह यह उपकरण ईरानी प्रतिनिधिमंडल के लिए छोड़कर जाएंगे। उनका कहना था कि अगर ईरानी नागरिक अपनी सरकार का विरोध करना चाहें तो उपग्रह आधारित इंटरनेट के जरिए दुनिया से संपर्क कर सकते हैं। नेतन्याहू के जाने के बाद एक इजराइली अधिकारी ने कथित तौर पर ईरानी अधिकारियों से उपकरण लेने की अपील भी की। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने इसे स्वीकार करने में कोई रुचि नहीं दिखाई।
न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी पर भी निशाना
नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे बड़ी यहूदी आबादी वाले शहरों में शामिल न्यूयॉर्क में यहूदियों को अब असुरक्षा महसूस हो रही है। नेतन्याहू ने ममदानी पर हमास समर्थक रुख रखने का आरोप लगाया और उनकी पत्नी की सामाजिक माध्यमों पर गतिविधियों को लेकर भी टिप्पणी की। नेतन्याहू ने कहा कि वह दौर खत्म हो चुका है जब यहूदी बिना किसी बचाव के पीड़ित बनते थे। उन्होंने इजराइल की सैन्य क्षमता और उसके अस्तित्व की रक्षा करने की क्षमता पर जोर दिया।
ट्रंप की जमकर तारीफ
इजराइली प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी प्रशंसा की। उन्होंने इजराइल के समर्थन के लिए ट्रंप को धन्यवाद दिया और कहा कि अमेरिका के सहयोग से हुए प्रयासों के बाद गाजा में बंधकों की वापसी संभव हुई। नेतन्याहू ने अपने भाषण का समापन इस संदेश के साथ किया कि इजराइल के पास कार्रवाई करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इसके बाद गैलरी में करीब 30 सेकंड तक तालियां बजने की बात कही गई। नेतन्याहू के भाषण के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल सभागार में मौजूद नहीं था। हालांकि, ईरान के लिए निर्धारित सीट पर कुद्स फोर्स के पूर्व कमांडर कासिम सुलेमानी की तस्वीर रखी गई थी।
सुलेमानी को ईरान के प्रभावशाली सैन्य कमांडरों में गिना जाता था। वह 3 जनवरी 2020 को बगदाद हवाई अड्डे के पास अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए थे। यह कार्रवाई तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर हुई थी।
न्यूयॉर्क की सड़कों पर भी विरोध
नेतन्याहू के संयुक्त राष्ट्र भाषण के विरोध में न्यूयॉर्क में भी प्रदर्शन हुए। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने इजराइल की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में अलग-अलग संदेश लिखे पोस्टर थे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने नेतन्याहू का बड़ा कटआउट भी बनाया हुआ था। संयुक्त राष्ट्र के आसपास प्रदर्शन के दौरान सड़क अवरुद्ध होने पर पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारियों ने फर्स्ट एवेन्यू पर सड़क रोक दी थी, जिसके बाद पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर बस तक ले गई।