Edited By Sanjeev,Updated: 06 Oct, 2026 08:02 AM
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका व्यक्तिगत रूप से मानना है कि फ्लाईदुबई की उड़ान पर हमले की कोशिश के लिए ईरान जिम्मेदार था, जबकि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि उन्होंने तेहरान को इस घटना से जोड़ने वाला कोई ठोस सबूत नहीं देखा है।...
वॉशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका व्यक्तिगत रूप से मानना है कि फ्लाईदुबई की उड़ान पर हमले की कोशिश के लिए ईरान जिम्मेदार था, जबकि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि उन्होंने तेहरान को इस घटना से जोड़ने वाला कोई ठोस सबूत नहीं देखा है। दोनों नेताओं ने ब्रिटेन में एक अलग संदिग्ध खतरे पर भी बात की जिसके कारण अमेरिका को एक सैन्य अड्डे से बॉम्बर विमान हटाने पड़े, दोनों ने इसमें ईरान की संभावित भूमिका की ओर इशारा किया।
जब एक पत्रकार ने सीधे पूछा कि क्या फ्लाईदुबई से जुड़े आतंकवादी हमले (जैसा कि पत्रकार ने बताया) के लिए ईरान जिम्मेदार था, तो ट्रंप ने कहा, 'हां; मैं व्यक्तिगत रूप से ऐसा मानता हूं।' ट्रंप ने अपनी बात के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया। फ्लाईदुबई की घटना और ईरान की संभावित भूमिका के बारे में अलग से पूछे जाने पर वेंस ने अधिक सावधानी बरती। वेंस ने CIA निदेशक का जिक्र करते हुए कहा, 'यह मामला जॉन रैटक्लिफ और कुछ खुफिया अधिकारियों पर छोड़ने लायक है। मैं किसी भी घोषणा से पहले कुछ नहीं कहना चाहता, लेकिन निश्चित रूप से हम इस पर गौर कर रहे हैं, हालांकि मैं यह नहीं कहूंगा कि मैंने अभी तक कोई ठोस सबूत देखा है।'
वेंस ने यह भी कहा कि इस घटना के कारण अमेरिका में विदेशी पायलटों से जुड़ी प्रक्रियाओं की जांच शुरू हुई है। उन्होंने कहा, 'हम निश्चित रूप से अमेरिका के भीतर अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जो लोग स्पष्ट रूप से उड़ान के लिए जोखिम भरे हैं, वे हवाई जहाज न उड़ाएं।'
ट्रंप प्रशासन ब्रिटेन में एक अलग संदिग्ध सुरक्षा खतरे को लेकर अधिक आश्वस्त दिखा। ट्रंप ने पुष्टि की कि एक खतरे के कारण अमेरिकी बॉम्बर विमानों को वहां से हटाना पड़ा। जब पूछा गया कि क्या कोई विशेष खतरा था, तो ट्रंप ने कहा, 'हां, मुझे लगता है कि हम ऐसा कह सकते हैं। मेरा मतलब है, वे गलती से तो नहीं उड़े थे, है ना? नहीं, लेकिन कुछ खतरे थे और दुश्मन को उकसाने के बजाय, हम दुश्मन को पकड़ेंगे और हराएंगे। हम उन्हें वहां क्यों छोड़ें? इसलिए, हमने उन्हें थोड़ी किया, बहुत दूर नहीं।' बाद में जब ट्रंप से इस संभावना के बारे में पूछा गया कि क्या ईरान ने ब्रिटेन में कॉम्बैट ड्रोन भेजे थे और क्या इसी वजह से यह फैसला लिया गया, तो उन्होंने कहा, 'मैं आपको यह बता नहीं सकता, लेकिन अगर उन्होंने ऐसा किया, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।'
ट्रंप ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन कहा कि अमेरिका को पता है कि इस खतरे के पीछे कौन है। ट्रंप ने कहा, 'तो, हमें एक खतरा महसूस हुआ और अगर हमें धमकाया जाएगा, तो हम उन्हें वहां से हटा देंगे और इससे खतरा कम हो जाएगा। असल में हमें उन लोगों के बारे में पता है जिन्होंने धमकी दी थी और वे अब बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं।' जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका संबंध ईरान से है, तो उन्होंने जवाब दिया, 'उनका संबंध ईरान से ही होगा।'
इस पूरे मामले पर वेंस ने अलग से संकेत दिया कि प्रशासन को यूके की सुरक्षा से जुड़े खतरे के मामले में ईरान की गतिविधियों को लेकर काफी हद तक यकीन था। उन्होंने कहा, 'हमें काफी हद तक यकीन है कि ईरानी वही करने की कोशिश कर रहे हैं जो ईरानी सरकार पिछले 49 सालों से करती आ रही है—यानी अमेरिका और कई अन्य लोगों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होना। इसलिए हम बहुत सावधानी बरत रहे हैं और इस बारे में मैं बस इतना ही कहूंगा।'
चेतावनियों के बावजूद ट्रंप ने तेहरान के साथ कूटनीति की संभावना को खुला रखा। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह ईरानियों के साथ सीधी बातचीत के लिए तैयार हैं, तो ट्रंप ने जवाब दिया, 'हां, हमेशा।' ऊर्जा बाजारों और रूसी रिफाइनरियों पर हमलों के बारे में चर्चा करते हुए ट्रंप ने तेहरान के परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर भी अपना रुख दोहराया। उन्होंने कहा, 'तेल की कीमतें कम हो रही हैं और अच्छी बात यह है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा।'