महाराष्ट्र: कांग्रेस नेता थोराट ने विधायक दल अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, पटोले बोले- जानकारी नहीं

Edited By rajesh kumar,Updated: 07 Feb, 2023 09:06 PM

congress leader thorat resigns from post of legislature party president

महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेता बालासाहेब थोराट ने मंगलवार को विधायक दल के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी। कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख नाना पटोले के साथ कथित मनमुटाव को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष...

नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेता बालासाहेब थोराट ने मंगलवार को विधायक दल के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी। कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख नाना पटोले के साथ कथित मनमुटाव को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे पत्र के एक दिन पहले सामने आने के बाद यह घटनाक्रम हुआ। हालांकि, पटोले ने कहा कि उन्हें थोराट के ऐसे किसी कदम की जानकारी नहीं है और दावा किया कि वह "हम से" बात नहीं करते हैं जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि अगर कांग्रेस नेता पाला बदलना चाहते हैं तो उनके दरवाज़े खुले हैं।

पटोले के साथ काम करने में जताई असमर्थता 
थोराट अहमदनगर जिले की संगमनेर सीट से विधायक हैं। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी आलाकमान को भेजा है। हाल में नासिक मंडल स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधान परिषद का चुनाव जीतने वाले सत्यजीत ताम्बे थोराट के भांजे हैं। थोराट के एक करीबी ने बताया कि कांग्रेस नेता ने पार्टी आलाकमान को पत्र लिखकर उनके प्रति पटोले के ‘‘क्रोध'' के कारण (पटोले के) साथ काम करने में असमर्थता जतायी थी। थोराट ने कहा कि कोई भी फैसला करने से पहले उनसे विचार-विमर्श नहीं किया जाता। यहां मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए पटोले ने कहा, “मुझे थोराट का त्याग पत्र नहीं मिला है। वह पिछले कुछ दिनों से हमसे बात नहीं कर रहे हैं।

मुझे पत्र मिलता तो मैं उस पर टिप्पणी करूंगा
शायद वह मीडिया से बात कर रहे हैं।” महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने कहा, “ अगर मुझे उनका पत्र मिलता है, तो मैं उस पर टिप्पणी करूंगा।” भाजपा ने भी कांग्रेस की अंदरूनी कलह को भुनाने की कोशिश की। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, '‘बालासाहेब थोराट जैसे नेताओं के लिए हमारे दरवाजे खुले हैं। वह चाहें तो भाजपा में शामिल हो सकते हैं। लेकिन वह कोई छोटे नेता नहीं हैं जो किसी के सुझाव या निर्देश पर भाजपा में शामिल हो जाएंगे।” बावनकुले ने कहा कि भाजपा में शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति का "सम्मान" किया जाता है और जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी थोराट को कोई प्रस्ताव नहीं दे रही है।

इस बारे में कुछ नहीं पता- पूर्व मुख्यमंत्री
इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने सोलापुर में कहा कि यह साफ नहीं है कि थोराट ने इस्तीफा दिया है या सिर्फ पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि थोराट से बातचीत नहीं हो सकी है और “ मैं प्रदेश कांग्रेस प्रमुख के साथ था और उन्हें भी इस बारे में कुछ नहीं पता है।” वहीं,पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा कि अगर थोराट ने विधायक दल के नेता के पद से इस्तीफा दिया है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जालना में पत्रकारों से कहा, “ यहां (जालना) आने के बाद मुझे बालासाहेब थोराट के इस्तीफे की खबरों के बारे में पता चला। वह एक वरिष्ठ और बेहद धैर्यवान नेता हैं।

थोराट कांग्रेस के बेहद वफादार सिपाही 
लेकिन इस मुद्दे को जाने बिना इस पर अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।” थोराट को कांग्रेस को बेहद वफादार माना जाता है। इससे पहले उन्होंने कई प्रमुख मंत्री पदों को संभालने के अलावा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सेवाएं दी हैं। थोराट के बहनोई और नासिक मंडल निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी सुधीर ताम्बे ने विधान परिषद का चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। हालांकि कांग्रेस ने उन्हें आधिकारिक तौर पर अपना उम्मीदवार बनाया था। सुधीर ताम्बे के बेटे सत्यजीत ताम्बे ने निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत गए। सूत्रों ने बताया कि इस प्रकरण के कारण कांग्रेस को शर्मिंदगी उठानी पड़ी जबकि थोराट चुप रहे। माना गया कि उन्होंने ताम्बे पिता-पुत्र को मौन समर्थन दिया है। थोराट का हाल में कंधे का ऑपरेशन हुआ है और वह स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं।

 

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