Edited By Ramkesh,Updated: 26 May, 2026 08:36 PM

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही सियासी चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने स्थिति साफ करने की कोशिश की है। पार्टी के महासचिव (संगठन) K. C. Venugopal ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व की हालिया बैठक में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई और...
नेशनल डेस्क: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही सियासी चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने स्थिति साफ करने की कोशिश की है। पार्टी के महासचिव (संगठन) K. C. Venugopal ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व की हालिया बैठक में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई और मीडिया में चल रही बातें केवल अटकलें हैं।
दिल्ली में हुई अहम बैठक में Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi, Siddaramaiah और D. K. Shivakumar समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बी.के. हरिप्रसाद ने कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की बढ़ती अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। क्योंकि प्रदेश की जनता ने राज्य का नेतृत्व करने के लिए चुना है। नई दिल्ली के इंदिरा भवन में कांग्रेस नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय चर्चा की के बाद अब नेत्तुव परिवर्तन की बात को पार्टी ने खारिज कर दिया है।
हरिप्रसाद ने नेतृत्व परिवर्तन की रिपोटरं को 'मनगढ़ंत दुष्प्रचार' बताते हुये खारिज कर दिया और भाजपा पर कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने के लिए सोशल मीडिया और व्हाट्सएप नेटवकर् के जरिये एक समन्वित दुष्प्रचार अभियान चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'जब सिद्दारमैया जी को चुना गया था, तो उन्हें पांच साल के लिए चुना गया था। जब तक भ्रष्टाचार या इसी तरह के गंभीर आरोप नहीं लगते, तब तक नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। हमें भाजपा की ट्रोल सेना को जवाब देने की कोई आवश्यकता नहीं है।
सिद्दारमैया को मिले इस जोरदार समर्थन को कांग्रेस के भीतर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, वह भी ऐसे समय में जब प्रमुख संगठनात्मक और चुनावी फैसलों से पहले आंतरिक पैरवी और उत्तराधिकार की अटकलें फिर से सामने आ गई हैं। कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य सलीम अहमद ने इस राजनीतिक कौतुहल को कम करने का प्रयास करते हुये कहा कि दिल्ली की बैठकें संगठनात्मक मामलों और आगामी राज्यसभा व विधान परिषद चुनावों की तैयारियों पर केंद्रित थीं।