SIM Binding Rules: 1 मार्च से WhatsApp और Telegram यूज नहीं कर पाएंगे ये यूजर्स, केंद्र सरकार ने नहीं बढ़ाई डेडलाइन

Edited By Updated: 27 Feb, 2026 08:17 PM

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केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि SIM Binding Rules की डेडलाइन नहीं बढ़ाई जाएगी और ये नियम 1 मार्च 2026 से लागू होंगे। इसके तहत WhatsApp, Telegram और Signal जैसे ऐप्स बिना रजिस्टर्ड फिजिकल सिम के काम नहीं करेंगे। सरकार का कहना है कि यह कदम साइबर...

नेशनल डेस्कः 1 मार्च 2026 से देशभर में मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल के नियम बदलने जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि SIM Binding Rules की समयसीमा में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। नए प्रावधानों के तहत WhatsApp, Telegram और Signal जैसे ऐप्स बिना रजिस्टर्ड फिजिकल सिम के काम नहीं करेंगे। सरकार का कहना है कि यह कदम साइबर फ्रॉड पर रोक लगाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

क्या हैं नए नियम?

नए प्रावधानों के लागू होने के बाद WhatsApp, Telegram, Signal, ShareChat, Snapchat, JioChat और Josh जैसे मैसेजिंग और सोशल प्लेटफॉर्म बिना फिजिकल सिम कार्ड के काम नहीं करेंगे। यदि संबंधित मोबाइल फोन में रजिस्टर्ड सिम मौजूद नहीं होगा, तो ये ऐप्स सक्रिय नहीं रह पाएंगे।

सिम बाइंडिंग क्या है?

SIM बाइंडिंग एक सुरक्षा प्रणाली है, जिसके तहत किसी मैसेजिंग ऐप को सीधे उस मोबाइल के फिजिकल सिम कार्ड से जोड़ा जाएगा, जिससे वह रजिस्टर्ड है। इसका मतलब है कि ऐप तभी खुलेगा जब वही सिम उसी डिवाइस में लगा होगा। इससे किसी अन्य डिवाइस पर उसी नंबर का दुरुपयोग करना मुश्किल हो जाएगा। इसके अलावा, यदि किसी कंप्यूटर या अन्य डिवाइस पर मैसेजिंग ऐप लॉग इन किया गया है और फोन में सिम उपलब्ध नहीं है, तो ऐसी स्थिति में कुछ घंटों के भीतर लॉगआउट की प्रक्रिया स्वतः लागू हो सकती है।

सरकार ने डेडलाइन क्यों नहीं बढ़ाई?

केंद्रीय संचार मंत्री Jyotiraditya Scindia ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल समयसीमा बढ़ाने पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह कदम साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए उठाया गया है, इसलिए इसमें ढील देने का सवाल नहीं है।

यूजर्स पर क्या होगा असर?

नियम लागू होने के बाद उपयोगकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि जिस नंबर से उनका मैसेजिंग अकाउंट जुड़ा है, उसका सिम उसी फोन में मौजूद हो। यदि सिम कार्ड निकाल दिया जाता है या किसी अन्य डिवाइस में लगा दिया जाता है, तो संबंधित ऐप काम करना बंद कर सकता है।

कंपनियों के लिए क्या प्रावधान?

सरकार के निर्देशानुसार, संबंधित कंपनियों को 120 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी। नियमों का पालन न करने पर टेलीकॉम साइबर सुरक्षा नियमों, टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 और अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

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