गुजरात HC से हार्दिक पटेल को झटका, नहीं लड़ पाएंगे लोकसभा चुनाव

Edited By Anil dev,Updated: 29 Mar, 2019 05:10 PM

gujarat high court congress hardik patel lok sabha elections

गुजरात हाई कोर्ट ने कांग्रेस में हाल में शामिल हुए पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति  (पास) के पूर्व नेता हार्दिक पटेल को आज एक बड़ा झटका देते हुए एक निचली अदालत से मिली उनकी सजा पर रोक लगाने संबंधी उनकी अर्जी को आज खारिज कर दिया।

अहमदाबाद: गुजरात हाई कोर्ट ने कांग्रेस में हाल में शामिल हुए पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति  (पास) के पूर्व नेता हार्दिक पटेल को आज एक बड़ा झटका देते हुए एक निचली अदालत से मिली उनकी सजा पर रोक लगाने संबंधी उनकी अर्जी को आज खारिज कर दिया।  हार्दिक ने गत आठ मार्च को यह अर्जी अदालत में इसलिए दी थी ताकि उनके लोकसभा चुनाव लडऩे में कोई अड़चन नहीं आए।  न्यायमूर्ति ए जी उरैजी की अदालत ने इस मामले में सुनवाई कल पूरी कर ली थी और आज अपना फैसला सुनाया। उनके वकील आई एच सैयद और रफीक लोखंडवाला तथा सलीम सैयद की दलील थी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ निचली अदालत ने बिना पर्याप्त सबूत के ही सजा दे दी है। 

PunjabKesari
 

उन्होंने यह भी दलील दी थी कि गैर इरादतन हत्या के एक मामले में सजा के बाद सांसद पद गंवाने वाले पंजाब के मंत्री तथा पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत की तर्ज पर हार्दिक को राहत मिले। हालांकि सरकारी वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि हार्दिक के मामले की तुलना सिद्धू के मामले से नहीं हो सकती।  फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हार्दिक अब क्या कदम उठायेंगे पर समझा जाता है कि अब वह सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटायेंगे।  उनके एक वकील सलीम एम सैयद ने यूएनआई से कहा कि अदालत के आदेश का व्यापक अध्ययन किया जायेगा पर वह हार्दिक को सुप्रीम कोर्ट का रूख करने की सलाह देंगे। कल सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कहा था कि हार्दिक के खिलाफ लगभग डेढ़ दर्जन मामले दर्ज हैं। 


PunjabKesari

कानून तोडऩे वाले को कानून बनाने वाला नहीं बनाया जाना चाहिए। समाज सेवा के लिए विधायक या सांसद बनना अनिवार्य नहीं है। हार्दिक के आचरण से स्पष्ट है कि वह कानून का सम्मान नहीं करते और उन्हें मिली जमानत की शर्तों का भी उल्लंघन करते रहे हैं।  यह देखना रोचक होगा कि कांग्रेस पार्टी कब तक जामनगर सीट, जहां से चुनाव लडऩे की इच्छा हार्दिक ने जतायी थी, के लिए किसी उम्मीदवार की घोषणा रोक कर रखती है। राज्य की सभी 26 सीटों पर एक साथ 23 अप्रैल को तीसरे चरण में मतदान होगा। इसके लिए नामांकन कल ही शुरू हो गया और चार अप्रैल तक चलेगा। हार्दिक गत 12 मार्च को कांग्रेस में शामिल हुए थे।  

PunjabKesari


ज्ञातव्य है कि हार्दिक को राज्य के महेसाणा जिले के विसनगर में 23 जुलाई 2015 को एक आरक्षण रैली के दौरान हुई हिंसा और तत्कालीन स्थानीय भाजपा विधायक रिषिकेश पटेल के कार्यालय पर हमले और तोडफ़ोड़ के मामले में पिछले साल 25 जुलाई को एक स्थानीय अदालत ने दो साल के साधारण कारवास की सजा सुनाई थी। उन पर जुर्माना भी लगाया गया था। नियम के मुताबिक दो साल या उससे अधिक की सजा वाले लोग चुनाव नहीं लड़ सकते।  इसी वजह से हार्दिक एक बार फिर गुजरात हाई कोर्ट का रूख किया था।  उक्त मामले में अदालत ने कुल 17 में से 14 आरोपियों को बरी कर दिया था जबकि हार्दिक तथा दो अन्य को उक्त सजा सुनायी थी। हार्दिक को बाद में हाई कोर्ट ने नियमित जमानत दे दी थी पर निचली अदालत के फैसले रद्द करने की उनकी एक अन्य अपील पर कोई फैसला नहीं दिया था। लोखंडवाला ने कहा कि दो साल की सजा पर रोक नही लगाये जाने पर उनके मुवक्किल के चुनाव लडऩे में अयोग्यता का सवाल सामने आ सकता है।  हार्दिक की अर्जी पर सुनवाई से पूर्व में हाई कोर्ट के एक अन्य जज न्यायमूर्ति आर पी धोलरिया ने इंकार कर दिया था। इसके बाद यह मामला न्यायमूर्ति उरैजी की अदालत में आया था। 

Related Story

IPL
Chennai Super Kings

176/4

18.4

Royal Challengers Bangalore

173/6

20.0

Chennai Super Kings win by 6 wickets

RR 9.57
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!