95 हजार आवेदन के साथ कर्नाटक दूसरे, 42 हजार के साथ हरियाणा देश में तीसरे स्थान पर

Edited By Updated: 07 Oct, 2026 05:26 PM

karnataka ranks second with 95 000 applications while haryana stands third in t

खेती-किसानी में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच उत्तर प्रदेश ने डिजिटल किसान क्रेडिट कार्ड (ई-केसीसी) के क्षेत्र में देश में नया मुकाम हासिल किया है। प्रदेश में अभी तक एक लाख से अधिक किसान ई-केसीसी पोर्टल या एप के जरिए आवेदन कर चुके हैं। महज आठ महीने...

लखनऊ : खेती-किसानी में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच उत्तर प्रदेश ने डिजिटल किसान क्रेडिट कार्ड (ई-केसीसी) के क्षेत्र में देश में नया मुकाम हासिल किया है। प्रदेश में अभी तक एक लाख से अधिक किसान ई-केसीसी पोर्टल या एप के जरिए आवेदन कर चुके हैं। महज आठ महीने में एक लाख का आंकड़ा पार करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत फरवरी में नाबार्ड द्वारा संचालित डिजिटल केसीसी सुविधा का शुभारंभ किया, जिसके बाद प्रदेश में इस पहल ने रफ्तार पकड़ी।

खासकर लघु और सीमांत किसानों के लिए डबल इंजन सरकार की यह योजना कृषि ऋण तक पहुंच को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। अब किसानों को ऋण लेने के लिए बार-बार बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। डिजिटल माध्यम से घर बैठे आवेदन और प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा मिलने से किसानों को समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।

कर्नाटक, हरियाणा और अन्य राज्यों से काफी आगे निकला यूपी

डिजिटल केसीसी के मामले में उत्तर प्रदेश ने देश के दूसरे राज्यों को काफी पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। करीब 95 हजार आवेदन के साथ कर्नाटक दूसरे और लगभग 42 हजार के साथ हरियाणा तीसरे स्थान पर है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को बड़े पैमाने पर इस योजना से लाभान्वित किया जा रहा है।

बैंक जाने की जरूरत कम, घर बैठे ऋण की सुविधा

परंपरागत व्यवस्था में पहले कृषि ऋण के लिए किसानों को बैंक शाखाओं में जाकर आवेदन, दस्तावेज और अन्य प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती थीं। डिजिटल केसीसी ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में रास्ता खोला है। अब किसान डिजिटल माध्यम से सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। इससे विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए औपचारिक कृषि ऋण व्यवस्था तक पहुंच आसान हो रही है।

प्रदेश में डिजिटल कृषि सेवाओं की बढ़ी सुविधा

सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरवरी में डिजिटल केसीसी का शुभारंभ किया। जिसका उद्देश्य किसानों को तकनीक के माध्यम से कृषि ऋण व्यवस्था से जोड़ना और ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक सरल बनाना है। शुरुआत के महज आठ महीनों में एक लाख किसानों का इसके लिए आवेदन करना प्रदेश में डिजिटल कृषि सेवाओं की बढ़ी सुविधा का बड़ा उदाहरण है।

डबल इंजन सरकार की किसान केंद्रित पहल

डिजिटल केसीसी को किसानों की सुविधा बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को गति देने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार की किसान केंद्रित नीतियों के बीच डिजिटल माध्यम से ऋण सुविधा का विस्तार खेती की जरूरतों के लिए समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एक लाख से अधिक किसानों का ई-केसीसी के लिए आवेदन करना इस पहल की बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है।

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