आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत, 20 दिन की पैरोल मंजूर

Edited By Updated: 04 Aug, 2026 07:37 PM

major relief for asaram from rajasthan high court

नाबालिग बच्चियों से जुड़े मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट ने 20 दिन की पैरोल मंजूर कर दी है।

जोधपुर: नाबालिग बच्चियों से जुड़े मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट ने 20 दिन की पैरोल मंजूर कर दी है। सोमवार 3 अगस्त को हुई सुनवाई में कोर्ट ने यह राहत दी। इसके बाद आसाराम करीब 13 साल बाद 20 दिनों के लिए जेल से बाहर आएंगे। दो महीने पहले हाईकोर्ट ने उनकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था।

कोर्ट का फैसला

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की पीठ ने 85 वर्षीय आसाराम को उनकी उम्र और 13 वर्ष से अधिक समय जेल में बिताने के आधार पर यह राहत दी। हाईकोर्ट ने जोधपुर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा पैरोल याचिका खारिज करने की भी आलोचना की। समिति ने पुलिस की सूचना का हवाला देते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता फरार हो सकता है। साथ ही राजस्थान कैदी पैरोल रिहाई नियम, 1958 के तहत उन्हें योग्य नहीं माना गया था, क्योंकि उनके खिलाफ दूसरे राज्य (गुजरात) में भी दोषसिद्धि है।

मई का फैसला

मई में न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार पुरोहित और न्यायमूर्ति अरुण मोंगा की पीठ ने नाबालिग से जुड़े मामले में आसाराम की आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था। उस समय कोर्ट ने सामूहिक बलात्कार के आरोप से उन्हें बरी कर दिया था। जमानत रद्द कर आत्मसमर्पण का निर्देश दिया गया था। उस फैसले में कोर्ट ने कहा था कि अपराधी की उम्र और बीमारी पीड़ित की आवाज को नजरअंदाज करने का आधार नहीं बन सकती। यह आपराधिक न्याय प्रणाली में समाज के विश्वास को बनाए रखने के लिए जरूरी है। पैरोल से जुड़ी आगे की प्रक्रिया प्रशासनिक स्तर पर पूरी की जाएगी। लेकिन अब आसाराम को बड़ी राहत मिली है.

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