Edited By Tanuja,Updated: 04 Aug, 2026 11:47 AM

कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर तीन ईरानी ड्रोन से हमले की खबर सामने आई है। i24NEWS ने एक सूत्र के हवाले से इसकी पुष्टि की है। हालांकि नुकसान और हताहतों की आधिकारिक जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। घटनाक्रम ट्रंप के ईरान पर बड़े हमले को रोकने के ऐलान...
Washington: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान से जुड़े ड्रोन ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी वाले एक ठिकाने को निशाना बनाया। एक रिपोर्ट में सुरक्षा सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि हमले में तीन ड्रोन इस्तेमाल किए गए। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर प्रस्तावित बड़े सैन्य हमले को फिलहाल रोकने और बातचीत के जरिए समझौते की संभावना तलाशने की बात कही है। इससे क्षेत्र में स्थिति को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है।
i24NEWS ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर कथित ईरानी हमला तीन ड्रोन से किया गया था। हालांकि, हमले से हुए नुकसान और किसी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है। यह दावा ऐसे समय आया है जब ईरान पहले भी कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा कर चुका है। जुलाई में ईरानी सेना और IRGC ने Ali Al Salem Air Base, Camp Arifjan और Camp Doha समेत अमेरिकी सैन्य सुविधाओं पर ड्रोन हमले किए जाने का दावा किया था।
ईरानी सेना ने इससे पहले भी कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले करने की बात कही थी। जुलाई में ईरानी सेना ने दावा किया था कि उसके Arash ड्रोन ने कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य सुविधाओं में रडार, Patriot रक्षा प्रणालियों और ईंधन टैंकों को निशाना बनाया। हालांकि, ईरान के कई सैन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अमेरिकी तथा मेजबान देशों के अधिकारियों ने कई मौकों पर आने वाले मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की जानकारी दी है। इसलिए ताजा तीन-ड्रोन हमले के नुकसान और प्रभाव को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
सबसे अहम बात यह है कि यह खबर ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को लेकर चर्चा चल रही है। ट्रंप ने ईरान पर बड़े हमले को फिलहाल रोकने की बात कही है, जबकि ईरानी पक्ष से अमेरिकी प्रस्तावों और समझौते को लेकर अलग-अलग संकेत सामने आ रहे हैं। अगर कुवैत में ताजा ड्रोन हमले की पुष्टि होती है, तो यह क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिशों के बीच एक गंभीर घटनाक्रम माना जाएगा। कुवैत में अमेरिका की महत्वपूर्ण सैन्य मौजूदगी है और देश पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य लॉजिस्टिक्स तथा ऑपरेशनल नेटवर्क का अहम हिस्सा है।