Edited By Rohini Oberoi,Updated: 29 Oct, 2025 10:31 AM

पाकिस्तान क्रिकेट टीम की लगातार हार के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के फैसलों ने अब खिलाड़ियों के साथ नया विवाद खड़ा कर दिया है। इसी कड़ी में पाकिस्तान के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान ने पीसीबी के प्रस्तावित नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पर...
इंटरनेशनल डेस्क। पाकिस्तान क्रिकेट टीम की लगातार हार के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के फैसलों ने अब खिलाड़ियों के साथ नया विवाद खड़ा कर दिया है। इसी कड़ी में पाकिस्तान के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान ने पीसीबी के प्रस्तावित नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है। बताया जा रहा है कि रिजवान का यह फैसला उन्हें 'श्रेणी बी' में डिमोट किए जाने और हाल ही में उनसे वनडे टीम की कप्तानी छीने जाने के विरोध में आया है।
रिजवान इकलौते खिलाड़ी जिन्होंने नहीं किए हस्ताक्षर
30 अनुबंधित खिलाड़ियों में रिजवान कथित तौर पर एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्होंने नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। पीसीबी ने बड़े बदलाव के तहत एलीट श्रेणी ए को समाप्त करने का फैसला किया है जिसमें पहले बाबर आजम, शाहीन शाह अफरीदी और रिजवान जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी शामिल थे। नए ढांचे के तहत ये तीनों वरिष्ठ खिलाड़ी समेत कुल 10 खिलाड़ियों को श्रेणी बी में रखा गया है। बोर्ड के इस कदम को राष्ट्रीय टीम के पिछले एक साल के निराशाजनक प्रदर्शन से असंतोष के रूप में देखा जा रहा है।

रिजवान की प्रमुख मांगे
सूत्रों के मुताबिक मोहम्मद रिजवान ने बोर्ड को स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी चिंताओं का समाधान नहीं हो जाता वह अनुबंध पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। उनकी प्रमुख मांगे निम्नलिखित हैं:
श्रेणी ए की बहाली: रिजवान ने मांग की है कि पीसीबी वरिष्ठ खिलाड़ियों के लिए श्रेणी ए को बहाल करे।
कप्तान को पूरा अधिकार: उन्होंने यह भी मांग की है कि जिसे भी कप्तान नियुक्त किया जाए उसे स्पष्ट कार्यकाल दिया जाए और बिना किसी हस्तक्षेप के अपनी योजनाओं को लागू करने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए।

कप्तानी से बर्खास्तगी ने बढ़ाया असंतोष
अपनी निरंतरता और जुझारूपन के लिए जाने जाने वाले 33 वर्षीय रिजवान हाल के वर्षों में सभी फॉर्मेट में पाकिस्तान टीम के प्रमुख सदस्य रहे हैं। उन्हें हाल ही में पाकिस्तान के वनडे कप्तान के पद से हटा दिया गया था और उनकी जगह शाहीन शाह अफरीदी को नियुक्त किया गया है जो कई लोगों के लिए आश्चर्य की बात थी।
माना जा रहा है कि बोर्ड के इस तरह के फैसलों ने खिलाड़ियों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है जिसका सबसे बड़ा विरोध रिजवान के कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर न करने के रूप में सामने आया है।