'डाॅन' को उम्रकैद: UP में अतीक अहमद का परिवार मोस्ट 'वांटेड' क्यों? पूरे परिवार पर दर्ज है 165 आपराधिक मामले

Edited By Updated: 28 Mar, 2023 02:58 PM

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माफिया से राजनेता बने अतीक अहमद का परिवार निस्संदेह उत्तर प्रदेश में सबसे 'वांटेड' परिवार है। आपस में परिवार के सदस्यों पर प्रयागराज के विभिन्न थानों में कुल 165 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

नेशनल डेस्क: उमेश पाल हत्याकांड मामले में दोषी करार दिए गए बाहुबली अतीक अहमद अब ताउम्र जेल में रहेगा। बता देंकि MP-MLA कोर्ट ने उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक अहमद समेत तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अतीक के अलावा दिनेश पासी और खान सौलत हनीफ को भी उम्रकैद की सजा मिली है। 

अतीक अहमद का परिवार है मोस्ट 'वांटेड'
वहीं माफिया से राजनेता बने अतीक अहमद का परिवार निस्संदेह उत्तर प्रदेश में मोस्ट 'वांटेड' परिवार है। आपस में परिवार के सदस्यों पर प्रयागराज के विभिन्न थानों में कुल 165 आपराधिक मामले दर्ज हैं। अतीक अहमद के नाम पर 100 मामले दर्ज हैं- एक रिकॉर्ड जो सपा नेता मोहम्मद आजम खान से मेल खाता है। इनमें से 50 मुकदमे विचाराधीन हैं, 12 अन्य में वह बरी हो चुके हैं, जबकि तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार ने 2004 में दो मामले वापस ले लिए थे। 

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अतीक के बेटों के खिलाफ 8 मामले दर्ज
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि अन्य मामलों में गवाहों से जिरह का इंतजार है। अतीक के भाई अशरफ पर 53 मुकदमे दर्ज हैं। एक में उन्हें बरी कर दिया गया है जबकि अन्य पर विचार चल रहा है। अतीक के बेटों के खिलाफ 8 मामले दर्ज हैं - उनमें से 7 पर मुकदमा चल रहा है जबकि एक की पुलिस अभी भी जांच कर रही है।

अतीक की पत्नी शाइस्ता पर 4 मुकदमे दर्ज
अतीक की पत्नी शाइस्ता पर चार मुकदमे दर्ज हैं। एडिशनल डीजी (अभियोजन) आशुतोष पांडेय ने बताया कि अतीक अहमद के खिलाफ 12 मामलों में आरोप तय किए जाने हैं। इसके लिए संयुक्त अभियोजन निदेशक को ऐसे मामलों में तेजी लाने को कहा गया है। दोनों मामलों को तत्कालीन सपा सरकार ने जून 2004 में वापस ले लिया था।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दोनों मामले प्रयागराज में दर्ज किए गए थे - एक डकैती का, सिविल लाइंस थाने में डकैती का एक गैंगस्टर अधिनियम के तहत जबकि दूसरा मामला शाहगंज थाने में दंगा और गैंगस्टर अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था।

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अतीक के भाई के जुर्म का रिपोर्ट कार्ड
अतीक के भाई अशरफ को 1992 के दंगों के एक मामले में 4 जनवरी 2000 को बरी कर दिया गया था, जबकि अन्य 52 मामलों में सुनवाई चल रही है। तीन मामले विचाराधीन हैं जिनमें अतीक की पत्नी शाइस्ता अभी पेश नहीं हुई हैं जबकि एक मामले में पुलिस की जांच लंबित है।

अतीक के बेटे अली अहमद के 2 मामलों में आरोप तय किए गए हैं, जिनके कुल 5 मामले हैं - एक की जांच चल रही है, जबकि दो अन्य पर विचार चल रहा है। इसी तरह, अतीक के दूसरे बेटे उमर अहमद के खिलाफ एक मामला सीबीआई अदालत में लंबित है और एक की पुलिस जांच कर रही है। अतीक के दूसरे बेटे असद पर एक मामला है जिसकी पुलिस जांच कर रही है।

वहीं अब आज की अपडेट की बात करें तो प्रयागराज की एक विशेष अदालत ने पूर्व विधायक राजू पाल हत्याकांड मामले के प्रमुख गवाह रहे उमेश पाल के अपहरण के मामले में माफिया-राजनेता पूर्व सांसद अतीक अहमद समेत तीन आरोपियों को मंगलवार को दोषी करार दिया।

17 साल बाद अब हुई अतीक अहमद को उम्रकैद की सजा 
 जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि प्रयागराज की सांसद-विधायक (एमपी-एमएलए) अदालत के न्यायाधीश दिनेश चंद्र शुक्ला ने वर्ष 2006 में हुए उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक अहमद, उसके वकील सौलत हनीफ और साथी दिनेश पासी समेत 3 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा का ऐलान किया।

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राजू पाल हत्याकांड मामले में आरोपी था अतीक अहमद 
हालांकि अदालत ने अतीक के भाई अशरफ समेत 7 आरोपियों को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। इस मामले में कुल 11 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। सुनवाई के दौरान उनमें से एक की मौत हो गई थी।

क्या था मामला?
उमेश पाल 25 जनवरी, 2005 को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में चश्मदीद गवाह था। राजू पाल हत्याकांड मामले में अतीक अहमद आरोपी था। उमेश ने आरोप लगाया था कि जब उसने अहमद के दबाव में पीछे हटने और झुकने से इनकार कर दिया तो 28 फरवरी, 2006 को उसका अपहरण कर लिया गया। अतीक, उसके भाई अशरफ और चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ पांच जुलाई, 2007 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अदालत में पेश किए गए आरोप पत्र में 11 आरोपियों का जिक्र किया गया था। फूलपुर से समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व सांसद अतीक अहमद को जून 2019 में गुजरात की साबरमती केंद्रीय जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। उत्तर प्रदेश में जेल में रहने के दौरान रियल एस्टेट व्यवसायी मोहित जायसवाल के अपहरण और मारपीट का आरोप लगने के बाद अतीक को साबरमती जेल भेजा गया था। अतीक अहमद उमेश पाल हत्याकांड सहित 100 से अधिक आपराधिक मामलों में नामजद है।

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43 साल में पहली बार अतीक अहमद को हुई सजा 
आपकों बता दें कि  राजनीतिक संरक्षण और बाहुबल की वजह से अतीक सजा पाने से बचता रहा। लेकिन आज 43 साल में पहली बार अतीक अहमद को सजा हुई। यह सजा योगी सरकार में दर्ज हुए मामलों में तेज पैरवी की वजह से हुई।  रिपोर्ट के मुताबिक, पिछली सरकारों में अतीक पर दर्ज मुकदमे वापस ले लिए जाते थे। राजनीति व अपराधीकरण के गठजोड़ की वजह से अतीक को सजा नहीं होती थी जिससे वह अब तक बचता चला आया। 

अतीक की अब तक 11 अरब की संपत्ति जब्त
6 वर्ष के सुशासन वाली सरकार ने अपराध और सत्ता का गठजोड़ तोड़ अतीक  सजा दिलाने अब कामयाब हुई। इतना ही नही अतीक की अब तक 11 अरब 69 करोड़ 20 लाख 4 हजार 350 रुपए की संपत्ति जब्त/ध्वस्त/कुर्क की गई है। 

उमेश पाल की मां शांति देवी का बयान
उमेश पाल की मां शांति देवी ने कहा कि मेरा बेटा शेर की तरह लड़ाई लड़ता चला आया। जब उसे (अतीक अहमद) लगा कि वह नहीं बच पाएगा तब उसने 17-18 साल बाद मेरे बेटे की हत्या कराई। कोर्ट मेरे बेटे की हत्या पर उसे (अतीक अहमद) फांसी की सज़ा सुनाए। वह नोट के बल पर आगे कुछ भी कर सकता है। 

उमेश पाल की पत्नी जया देवी का बयान
उमेश पाल की पत्नी जया देवी ने कहा कि जब तक अतीक, उसके भाई, बेटे को खत्म नहीं किया जाएगा तब तक यह आतंक चलता रहेगा। मैं न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करती हूं। मैं मुख्यमंत्री जी से चाहूंगी की अतीक अहमद को खत्म किया जाए जिससे उसके आतंक पर भी अंकुश लगे: 
 

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