Edited By Tanuja,Updated: 06 Oct, 2026 11:35 AM

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया कि काला सागर में तुर्किये के झंडे वाले मालवाहक जहाज पर दो रूसी ड्रोन ने हमला किया। जहाज पर भारतीय और अजरबैजानी नागरिक सवार थे। हमले में कप्तान की मौत हुई, जबकि 11 चालक दल सदस्यों को बचा लिया...
Moscow: रूस-यूक्रेन युद्ध का असर अब समुद्री मार्गों पर भी दिखाई दे रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया है कि काला सागर में तुर्किये के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज पर रूस के दो ड्रोन ने हमला किया। हमले के बाद जहाज में आग लग गई। जेलेंस्की के मुताबिक, जहाज पर भारत और अजरबैजान के नागरिक सवार थे और उसके कप्तान की मौत हो गई। हालांकि कप्तान की राष्ट्रीयता अभी सामने नहीं आई है। रूस की ओर से इस दावे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। जेलेंस्की ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर घटना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तुर्किये के झंडे वाला एक मालवाहक जहाज काला सागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में था और उस पर दो रूसी ड्रोन ने हमला किया।
जेलेंस्की के मुताबिक, हमले के बाद जहाज में भीषण आग लग गई। उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार जहाज के कप्तान की मौत हो गई है। उन्होंने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि एक अन्य व्यक्ति के बारे में अभी जानकारी जुटाई जा रही है। जेलेंस्की ने बताया कि जहाज के 11 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया है। इनमें से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल बताया गया है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन लगातार काला सागर क्षेत्र में तनाव कम करने और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की बात करता रहा है।
जेलेंस्की ने वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। इस घटना में सबसे अहम सवाल कप्तान की राष्ट्रीयता को लेकर है। जेलेंस्की ने अपने बयान में कहा है कि जहाज पर भारतीय और अजरबैजानी नागरिक मौजूद थे, लेकिन उन्होंने मृत कप्तान की राष्ट्रीयता नहीं बताई। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि मारा गया कप्तान भारतीय था। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार भारतीय नागरिक जहाज के चालक दल में मौजूद थे, जबकि मृतक की पहचान और राष्ट्रीयता स्पष्ट नहीं की गई है।
यूक्रेन में भारतीय कारोबारी के दवा गोदाम पर हमला
रूस-यूक्रेन युद्ध में भारतीय नागरिकों और भारतीय कारोबार से जुड़ी यह दूसरी घटना सामने आई है। इससे एक दिन पहले यूक्रेन के सुमी क्षेत्र में रूसी हमले में भारतीय कारोबारियों के स्वामित्व वाले दवा गोदाम में काम करने वाले 52 वर्षीय कर्मचारी की मौत की खबर सामने आई थी। इन घटनाओं के बीच भारत लगातार रूस और यूक्रेन के साथ संपर्क बनाए हुए है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी कहा है कि भारत यूक्रेन संकट के समाधान के लिए केवल बयान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसने मॉस्को और कीव दोनों के साथ बातचीत तेज की है। बता दें कि काला सागर रूस-यूक्रेन युद्ध में बेहद महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र है। यहां से अनाज और दूसरे सामान की आवाजाही होती है। युद्ध के दौरान इस क्षेत्र में बंदरगाहों, मालवाहक जहाजों और समुद्री मार्गों को लेकर लगातार सुरक्षा चिंताएं बनी हुई हैं।