हिमाचल प्रदेशः विक्रमादित्य सिंह ने फेसबुक प्रोफाइल से हटाया पार्टी कांग्रेस का नाम, खरगे से मिलने दिल्ली पहुंचे

Edited By Yaspal,Updated: 01 Mar, 2024 10:08 PM

vikramaditya singh removed the name of party congress from facebook profile

हिमाचल प्रदेश में जारी सियासी संकट और गहराता जा रहा है। सुक्खू सरकार से नाराज चल रहे विक्रमादित्य सिंह कांग्रेस छोड़ सकते हैं। उन्होंने अपने फेसबुक प्रोफाइल से पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर और कांग्रेस हटा दिया है। इसकी जगह पर हिमाचल का सेवक लिखा है

नेशनल डेस्कः हिमाचल प्रदेश में जारी सियासी संकट और गहराता जा रहा है। सुक्खू सरकार से नाराज चल रहे विक्रमादित्य सिंह कांग्रेस छोड़ सकते हैं। उन्होंने अपने फेसबुक प्रोफाइल से पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर और कांग्रेस हटा दिया है। इसकी जगह पर हिमाचल का सेवक लिखा है। विक्रमादित्य सिंह ने दिल्ली में डेरा डाले हैं। दिल्ली में उनका पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिलने का कार्यक्रम है। इससे पहले विक्रमादित्य सिंह ने अयोग्य घोषित किए गए कांग्रेस के छह विधायकों से हरियाणा के पंचकूला में मुलाकात की।
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इस बीच, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा कि विक्रमादित्य सिंह ने बृहस्पतिवार को उन्हें सूचित किया कि कांग्रेस के कुछ बागियों ने उनसे संपर्क किया है और वे वापस आना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ''मैंने विक्रमादित्य सिंह से इन बागी विधायकों और कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से बात करने को कहा।'' उन्होंने कहा कि इन बागी विधायकों के परिवार के सदस्य उनसे बात कर रहे हैं और वे कांग्रेस में रहना चाहते हैं।

हिमाचल प्रदेश की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए मंगलवार को हुए चुनाव में कांग्रेस के छह बागियों ने ‘क्रॉस वोटिंग' की थी जिसके चलते भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार हर्ष महाजन ने कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को हरा दिया था। इसके बाद, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने शिमला में पार्टी विधायकों से बात करने के लिए पर्यवेक्षकों की एक टीम भेजी।

इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विधानसभा में राज्य के बजट के लिए मतदान पर पार्टी व्हिप का कथित तौर पर उल्लंघन करने के चलते संबंधित छह विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया। ‘क्रॉस वोटिंग' के घटनाक्रम के बाद प्रदेश कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह ने मंत्रिपरिषद से अपने इस्तीफे की घोषणा की थी, लेकिन पर्यवेक्षकों के साथ बैठक के बाद उन्होंने अपना रुख नरम कर लिया। सुक्खू ने कहा, ‘‘बागी पंचकूला में एक होटल में ठहरे हुए हैं। हम देखेंगे कि जब वे हिमाचल में प्रवेश करेंगे तो क्या करना है।''

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस बागियों को वापस लेगी, सुक्खू ने कहा, ''मैंने पहले ही इस मुद्दे पर अपना रुख साफ कर दिया है।'' मुख्यमंत्री ने एक दिन पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि पार्टी बागियों को वापस लेने के लिए तैयार है। अपने आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सिंह दिल्ली की दो दिवसीय यात्रा पर हैं जहां वह शनिवार को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात करेंगे।

पूर्व में सुक्खू सरकार के कामकाज पर असंतोष व्यक्त कर चुकीं प्रदेश कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह ने कहा कि लोक निर्माण मंत्री कुछ कार्यक्रमों के लिए दिल्ली गए हैं और कांग्रेस आलाकमान से भी मिलेंगे। राज्य में सत्तारूढ़ दल में बेचैनी है क्योंकि भाजपा बार-बार दावा कर रही है कि कांग्रेस के कुछ और विधायक उसके संपर्क में हैं तथा सरकार लंबे समय तक नहीं चलेगी।

अयोग्य ठहराए गए विधायकों में से एक राजेंद्र राणा ने कहा था कि संबंधित छह विधायक विधानसभा अध्यक्ष के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देंगे। बागी विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद सदन में विधायकों की कुल संख्या 68 से घटकर 62 रह गई है तथा इस क्रम में कांग्रेस विधायकों की संख्या 40 से घटकर 34 हो गई है। विधानसभा में भाजपा के 25 और तीन निर्दलीय विधायक हैं। कांग्रेस के छह बागी विधायकों सहित तीनों निर्दलीय विधायकों ने भी भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में मतदान किया था। 

 

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