दूसरी तिमाही में विकास दर रहेगी 6.2 प्रतिशत : फिक्की

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Tuesday, November 28, 2017-11:01 AM

नई दिल्ली: उद्योग संगठन फिक्की ने कहा है कि नोटबंदी और वस्तु एवं सेवाकर (जी.एस.टी.) को लागू किए जाने की वजह से आयी आॢथक सुस्ती अब समाप्त हो रही है और चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में विकास दर 6.2 प्रतिशत और तीसरी तिमाही में इसके बढ़कर 6.7 प्रतिशत पर पहुंचने का अनुमान है। मार्च में समाप्त हो रहे वित्त वर्ष में वित्तीय घाटा के 3.3 प्रतिशत पर और आर्थिक विकास दर 6.7 प्रतिशत रहने की संभावना है। 

फिक्की ने आज यहां जारी आॢथक परिदृश्य सर्वेक्षण के अनुसार नोटबंदी का असर समाप्त हो चुका है और जीएसटी को लेकर आई अस्थिरता भी लगभग समाप्त हो चुकी है और नयी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था अब स्थिर हो रही तो आगे अर्थव्यवस्था में सुधार देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आॢथक विकास दर में यदि अनुमान से अधिक की तेजी आयी तो विकास दर 7.1 प्रतिशत तक जा सकती है लेकिन यदि गिरावट आती है तो यह 5.9 प्रतिशत पर आ सकती है।

सर्वेक्षण में शामिल अर्थशास्त्रियों ने जी.एस.टी. से जुड़े अनुपालना के बोझ को कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और जी.एस.टी. को सरलता से लागू करने की दिशा में जारी प्रयासों के साथ ही सरकारी बैंकों के पुनर्पूजीकरण के योजना, इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र पर निवेश बढ़ाने जैसे कदमों को सराहा और कहा है कि विकास में तेजी लाने की बाधाओं को सरकार ने स्पष्ट तौर पर दूर करने का प्रयास किया है।
 

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