बैंक लाइसेंस का राजनीति से संबंध नहीं: RBI

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Tuesday, April 01, 2014-4:50 PM

मुंबई: भारती रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन ने मंगलवार को कहा कि नए बैंक लाइसेंस जारी करने का राजनीति से कोई संबंध नहीं है और यह प्रक्रिया पूरी तरह से आर्थिक और नियामकीय है। राजन ने मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करने के बाद कहा, ‘‘यह (बैंक लाइसेंस जारी करना) किसी भी प्रकार से राजनीतिक प्रक्रिया नहीं है। यह एक आर्थिक और नियामकीय प्रक्रिया है और इसे (राजनीति से) पूरी तरह अलग कर देखा जाना चाहिए।’’

नए लाइसेंस के लिए आवेदन पर बैंक की आंतरिक प्रक्रिया के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों की चाहे जो भी राय हो, हमें जो करना है, वह करना होगा।’’ इस प्रक्रिया में जरूरी जांच की आवश्यकता और जांच एजेंसी की राय देरी से मिलने की बात बताते हुए राजन ने कहा कि ये रिपोर्ट 25 फरवरी तक ही मिल पाई है, जिससे पूरी प्रक्रिया चुनावी मौसम में फैल गई।

पांच मार्च को आम चुनाव की घोषणा हो जाने के बाद आचार संहिता लागू हो गई है और इसके उल्लंघन से बचने के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर आरबीआई ने चुनाव आयोग से मंजूरी मांगी है। इस विषय पर चुनाव आयोग की सोमवार को बैठक होनी थी, जो टल गई है और इसलिए आरबीआई फिलहाल इस बारे में कोई घोषणा नहीं कर सकता है। आरबीआई को नए बैंक लाइसेंस के लिए 27 आवेदन मिले थे। आवेदकों में भारतीय डाक, आईएफसीआई जैसी सरकारी कंपनियां शामिल हैं।

निजी क्षेत्र से अनिल अंबानी के नेतृत्व वाला रिलायंस समूह, आदित्य बिड़ला समूह, बजाज फायनेंस, मुथूट फानेंस, रेलीगेयर एंटरप्राइजेज और श्रीराम कैपिटल जैसी कंपनियां शामिल हैं। पिछले 20 साल में दो चरणों में आरबीआई ने निजी क्षेत्र में 12 बैंक लाइसेंस आवंटित किए हैं। 2003-04 में नए लाइसेंस पाने वाले आखिरी दो निजी उद्यम हैं कोटक महिंद्रा और यस बैंक।


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