चीन को टक्कर देंगे मुकेश अंबानी

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Monday, November 13, 2017-1:06 PM

नई दिल्लीः मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्री पॉलिएस्टर कारोबार में अपनी पैठ बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने हाल में अपना एक नया ब्रांड रेलॉन शुरू किया है, जिसके जरिए वह परिधान की सह-ब्रांडिंग में कदम रख रही है। बिजनेस टू बिजनेस टू कंज्यूमर (बी.टू.बी.टू.सी.) मॉडल ध्यान में रखते हुए कंपनी वैश्विक बाजार में चीन के दबदबे को चुनौती देना चाहती है।
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देश में कुल 45 लाख टन पॉलिएस्टर का उत्पादन होता है। इसमें रिलायंस की भागीदारी करीब 20 लाख टन है। कंपनी इस कारोबारी खंड में सालाना 5 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद कर रही है। विश्व में करीब 7 करोड़ टन पॉलिएस्टर का उत्पादन होता है, जिसमें चीन 4.5 करोड़ टन का उत्पादन करता है। इस तरह वह भारत से आगे है। रेलॉन विशेष परिधान का पोर्टफोलियो है और इसके लिए रिलायंस ने अमरीका के वीएफ कॉर्पोरेशन के साथ सहयोग किया है जो विश्व के प्रमुख ब्रांड रेंगलर की मालिक है। इस साझेदारी की मदद से कंपनी फरवरी 2018 तक कूलटेक्सव फैब्रिक से बने इन्फीकूल डेनिम की शुरुआत करेगी। रेलॉन में नमी नियंत्रित करने की खूबी है।

कम होगा फैब्रिक का आयात
कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हम अपने रेलॉन ब्रांड के साथ साझेदारी के लिए कम से कम 5 घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड के साथ बातचीत कर रहे हैं। रेलान ब्रांड के जरिए रिलायंस को देश के 2,50,000 करोड़ रुपए के परिधान उद्योग में बड़ी जगह बनाने में आसानी होगी।' रिलायंस की इस पहल से भारत को फैब्रिक के आयात पर निर्भरता भी कम करने में भी मदद मिलेगी। पिछले तीन साल में भारत का फैब्रिक आयात औसतन 50 करोड़ वर्ग मीटर (मूल्यांकन 1.2 अरब डॉलर) रहा है।

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