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आर्थिक सुधारों को सतत बनाने के लिए नीति निर्माता निर्णय करें: क्रिस्टीन लेगार्ड

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Friday, October 13, 2017-1:10 PM

वाशिंगटनः अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आई.एम.एफ.) की प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड ने दुनियाभर के नीतिनिर्माताओं से ऐसे निर्णय लेने का आहवान किया जो आर्थिक सुधारों को ‘सतत’ बनाएं ताकि व्यापक आधार पर चल रहे इन वैश्विक आर्थिक सुधारों का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके। आई.एम.एफ. और विश्वबैंक की वार्षिक बैठक शुरु होने पर एक प्रेसवार्ता में क्रिस्टीन ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि यह समय आत्मसंतुष्ट होने का नहीं है, बल्कि यह समय ऐसे नीतिगत निर्णय लेने का है जो वास्तव में ज्यादा से ज्यादा लोगों और देशों को इन सुधारों का लाभ दिला सकें। साथ ही यह निर्णय सुधारों को सतत बनाने वाले होने चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘और यही वह सवाल है जो हम नीति निर्माताओं, वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों के सामने रखेंगे जो यहां बैठक में शामिल होने आए हैं।’’ क्रिस्टीन ने कहा कि सुधार मजबूत हुए हैं और हाल के वर्षों में इनका आधार बहुत व्यापक रहा है। आई.एम.एफ. को इस साल वैश्विक आर्थिक वृद्धि के 3.6 फीसदी और अगले साल 3.7 फीसदी रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘‘दोनों ही स्थिति में यह उसके जुलाई के आकलन के मुकाबले 0.1 फीसदी अधिक है और जबकि 2016 की 3.2 फीसदी वृद्धि दर की तुलना में बहुत ज्यादा है।’’ उन्होंने कहा कि इन सभी में जो बात नहीं बदली है, वह यह, कि सुधार अभी पूरे नहीं हुए हैं। पिछले साल 47 देशों की वृद्धि दर प्रति व्यक्ति आधार पर नकारात्मक दर्ज की गई। इसमें कई छोटी और नाजुक अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सभी तरह की अर्थव्यवस्थाओं में अधिकतर लोगों को लगता है कि तकनीक के प्रभाव और अत्यधिक आय असमानता के नतीजों से उनकी आकांक्षाएं सीमित हो रही हैं।’’ इसका परिणाम बहुत से स्थानों पर राजनीतिक तनाव बढ़ने और वैश्वीकरण के लाभों को लेकर संदेह बढ़ने के रुप में दिख रहा है। 

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