रियल एस्टेट: मुनाफा तो दूर टॉरगेट तक पूरा नहीं कर पाया रजिस्ट्रेशन विभाग

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Saturday, January 07, 2017-3:24 PM

लखनऊ: नोटबंदी से रियल एस्टेट के कारोबार में गिरावट आ गई है। कंपनियों के लिए मुनाफा तो दूर लागत तक निकालना मुश्किल है। यही वजह है कि कई कंपनियों ने गुपचुप फ्लैट्स के दाम भी 30 प्रतिशत तक कम कर दिए हैं। रियल एस्टेट के कारोबार में आई मंदी की वजह से सरकार को स्टांप की बिक्री में भी बीते साल 67% का नुकसान हुआ है। इससे निबंधन विभाग का टारगेट तक पूरा नहीं कर पाया है। इसी वजह से नए साल में जमीनों का सर्किल नहीं बढ़ाया गया।

नोटबंदी की वजह से हुआ घाटा
जमीनों व संपत्तियों की रजिस्ट्री में सरकार को पिछले साल 67.11 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। सर्किल रेट बढ़ाने के लिए डीएम सत्येंद्र सिंह की ओर से गठित की गई कमिटी की रिपोर्ट के मुताबिक घाटे की मुख्य वजह नोट बंदी और रियल एस्टेट के कारोबार में आई गिरावट है। इसी वजह से रजिस्ट्री कार्यालय में स्टांप बिक्री की संख्या में काफी कम हो गई है। डीएम की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि कारोबार में तेजी से गिरवाट की वजह से रजिस्ट्रियां बंद हो गई हैं। इसके तहत जमीनों और अपार्टमेंट्स के दाम करीब 30 से 40 फीसदी कम हो गए हैं।

मंदी से उभरने में लगेगा समय
कमिटी ने डीएम को सौंपी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि फिलहाल रियल एस्टेट के कारोबार में नए साल में किसी बड़े अपग्रेड की संभावना नहीं है। आंकलन है कि नोटबंदी से उपजी मंदी दूर होने में समय लगेगा। कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने 31 दिसंबर को सर्किल रेट न बढ़ाने का आदेश जारी किया था।


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