जामिया मिलिया इस्लामिया और ताइवान विश्वविद्यालय के बीच अकादमिक सहयोग समझौता

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Wednesday, October 11, 2017-6:11 PM

नई दिल्ली : जामिया मिलिया इस्लामिया और ताइवान की नेशनल काओसिंग नार्मल यूनिर्विसटी के बीच अकादमिक सहयोग को और मजबूत बनाने के लिये सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये गए । इसके तहत दोनों विश्वविद्यालय मानविकी, शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और कला क्षेत्रों में शिक्षण एवं अनुसंधान में आपसी सहयोग करेंगे । जामिया मिलिया इस्लामिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सहमति पत्र के तहत दोनों विश्वविद्यालय अकादमिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिये संयुक्त गोष्ठियों का आयोजन करने के साथ, छात्रों का आदान प्रदान और संयुक्त विभागीय अनुसंधान जैसे कार्यो को आगे बढ़ायेंगे । इस अवसर पर ताइवान के शिक्षा उप मंत्री डा. येटेहर याओ और महानिदेशक एंडी बी पेन ह्वांग आदि मौजूद थे

ताइवान के शिक्षा उपमंत्री याओ ने जामिया विश्वविद्यालय के साथ अपने देश के विश्वविद्यालयों के बीच अकादमिक सहयोग को और मजबूत बनाने की जरूरत बताई । याओ ने दोनों देशों के बीच शैक्षिक एवं अनुसंधान सहयोग के संबंध में मौजूदा अवसरों के बारे में विचार विमर्श किया और उम्मीद जतायी कि दोनों शैक्षणिक संस्थान द्विपक्षीय सहयोग में महत्वपूर्ण भागीदार बनेंगे ।उन्होंने कहा कि ताइवान सरकार की इच्छा है कि दोनों देशों के विश्वविद्यालयों के बीच विचारों के आदान प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देने के लिये ‘यूनिर्विसटी प्रेसिडेंट्स नाम से एक औपचारिक मंच बनायेंगे । उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिये ताइवान सरकार हर साल 1000 भारतीय छात्रों को छात्रवृत्तियां प्रदान करने की इच्छा रखती है ताकि वे हर साल अनुसंधान एवं अकादमिक कार्यो के लिये ताइवान आ सकें ।

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