‘चर्चिल भारतीय आदिवासियों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल चाहते थे’

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Thursday, October 03, 2013-12:38 AM

लंदन: द्वितीय विश्वयुद्ध के समय ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे विंस्टन चर्चिल ब्रिटिश शासन के अधीन भारत के उत्तरी हिस्से में आदिवासियों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कराना चाहते थे। एक प्रमुख इतिहासकार ने यह दावा किया है।

गाइल्स मिल्टन सत्य घटनाओं पर आधारित कई पुस्तकें लिख चुके हैं। उनका कहना है कि चर्चिल 20वीं सदी की शुरूआत में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ विद्रोह करने वाले आदिवासियों के विरूद्ध रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने के पैरोकार रहे थे।

समाचार पत्र ‘द टेलीग्राफ’ के अनुसार मिल्टन ने कहा, ‘‘मैं उस वक्त सकते में आ गया, जब पाया कि चर्चिल ने भारतीय दफ्तर को एक आतंरिक मेमो भेजा था। इस मेमो में कहा गया था, हमें उत्तरी-पश्चिमी मोर्चे पर आदिवासियों के खिलाफ इसका इस्तेमाल करना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, मेमो की एक पंक्ति में चर्चिल लिखते हैं, मैं जहरीली गैस को लेकर अतिसंवेदनशीलता को नहीं समझ पाता। मिल्टन के अनुसार चर्चिल ने रूस के बोल्शेविक्स में ‘सबसे खतरनाक रासायनिक हथियार’ का इस्तेमाल करने की स्वीकृति दी थी। उस वक्त वह युद्ध मामलों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

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