श्रीलंका के मानवाधिकार मसले पर कैमरन का कड़ा रुख

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Saturday, November 16, 2013-4:52 PM

कोलंबो: ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने श्रीलंका को कड़ा संदेश दते हुए कहा कि अगर उसने मार्च तक अपने मानवाधिकार मसलों की जांच नहीं की, तो उनका देश यहां हुए कथित युद्ध अपराधों की अंतर्राष्ट्रीय जांच के लिए दबाव बनाएगा।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, कैमरन ने शुक्रवार को श्रीलंका के युद्ध प्रभावित उत्तरी हिस्से का दौरा करने व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से मुलाकात के बाद अपना रुख स्पष्ट किया।

श्रीलंका को 1948 में आजादी मिलने के बाद से कैमरन जाफना की यात्रा करने वाले पहले विदेशी नेता हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस दौरे ने उत्तरी हिस्से के तमिलों को आवाज दी है और यह आवाज विश्व को सुननी चाहिए।’’

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने श्रीलंका के राष्ट्रपति से यह स्पष्ट किया है कि उनके पास उदारता दिखाने और उनके देश का विस्तृत एवं सफल भविष्य बनाने का यह उचित अवसर है और मुझे पूरा विश्वास है कि वह इसका लाभ उठाएंगे।’’

कैमरन ने कहा, ‘‘मैं यह स्पष्ट कर दूं। अगर मार्च तक जांच नहीं हुई, तब मैं संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त के साथ काम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में अपने पद का इस्तेमाल करूंगा और पूर्ण, विश्वसनीय व अंतर्राष्ट्रीय जांच की मांग करूंगा।’’
 


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