...तो 2013 में बीजेपी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार अलग होता: मनीष तिवारी

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Wednesday, October 30, 2013-4:39 PM

नई दिल्ली: केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने ट्वीट कर कहा कि अगर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सरदार बल्लभ भाई पटेल का सम्मान करता है तो पीएम उम्मीदवार के तौर पर किसी और के नाम का विचार करना चाहिए। तिवारी ने ट्विटर पर लिखा, 'अगर संघ ने महात्मा गांधी की हत्या के बाद प्रतिबंध समाप्ति के लिए सरदार पटेल से किये गए वादे का सम्मान किया होता तो 2013 में बीजेपी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार अलग होता।' तिवारी शायद उस कथित दावे का जिक्र कर रहे थे जिसके मुताबिक संघ ने पटेल से वादा किया था कि वह गैर राजनीतिक रहेगा, इसके बाद उससे प्रतिबंध हटाया गया था।

मनीष तिवारी के ट्वीट का जवाब देते हुए संघ के नेता एम जी वैद्य ने कहा कि वो पटेल का सम्मान करते हैं, इसमें कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि जब पटेल होम मिनिस्टर थे तो उन्होंने संघ पर पाबंदी लगाई थी। जब जांच हुई तो कोई सबूत नहीं मिला और संघ पर लगी पाबंदी हटा ली। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या से संघ का कोई लेना देना नहीं है।

गौरतलब है कि अहमदाबाद में सरदार पटेल संग्राहलय के उद्घाटन के मौके पर मोदी और मनमोहन के बीच हुए घमासान पर बयानबाजी शुरू हो गई है। कल प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह की मौजूदगी में नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरदार पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो बेहतर होता। जवाब में मनमोहन सिंह ने याद दिलाया कि पटेल कांग्रेस के महान सेक्युलर नेता थे। जिन्हें पं. नेहरू के भरोसेमंद सहयोगी होने पर उन्हें गर्व था।


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