गोयल और हर्षवर्धन की लड़ाई से गडकरी की फजीहत

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Monday, November 25, 2013-1:23 PM

नई दिल्ली (धनंजय कुमार): भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार डॉ. हर्षवर्धन तथा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजय गोयल के बीच शुरू हुई अंदरूनी दरार से पार्टी को कितना नुकसान होगा यह तो दिल्ली विधानसभा चुनाव का परिणाम ही बताएगा लेकिन फिलहाल इस अंदरूनी लड़ाई से प्रदेश भाजपा प्रभारी नितिन गडकरी की फजीहत तो हो ही रही है।
 
गडकरी की लाख कोशिशों के बावजूद दोनों नेताओं में सुलह नहीं हो पा रही है और पार्टी के बड़े नेता गडकरी के नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि गोयल व हर्षवर्धन के बीचलगातार बढ़ती दूरियों को पाटने में विफल साबित हो रहे गडकरी को किनारे करने के लिए पार्टी आलाकमान ने प्रदेश की गतिविधियों राज्यसभा विपक्ष के नेता अरुण जेतली तथा राष्ट्रीय नेता श्याम जाजू को लगा दिया है। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों से जेतली की प्रदेश भाजपा कार्यालय में गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं, वहीं जाजू तो हर दिन प्रदेश कार्यालय में मौजूद रहते हैं।
 
दूसरी ओर, दोनों नेताओं के बीच बढ़ती दूरियां व मीडिया में अपनी मौजूदगी साबित करने की होड़ का आलम यह है कि हर्षवर्धन दोपहर बाद 3 बजे प्रैसवार्ता बुलाते हैं तो गोयल दोपहर एक बजे ही प्रैसवार्ता को संबोधित करने लग जाते हैं। बताया जाता है कि पिछले दिनों डॉ. हर्षवर्धन ने 3 बजे प्रैसवार्ता का समय रखा तो उसी विषय पर गोयल दोपहर एक बजे ही मीडिया से मुखातिब होने लगे जिससे हर्षवर्धन नाराज होकर प्रैसवार्ता में आने को तैयार नहीं थे, लेकिन गडकरी के दबाव में उन्हें गोयल द्वारा तय समय पर आना पड़ा। यही स्थिति मॉडल टाऊन विधानसभा क्षेत्र का मेनिफेस्टो जारी होने के दौरान हुई।
 
दोनों नेताओं के लगातार बिगड़ते रिश्ते का असर पार्टी कार्यकर्ताओं व चुनाव पर पडऩे लगा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि हमें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर किस नेता के साथ बैठें क्योंकि गोयल के साथ घूमने पर हर्षवर्धन का विरोधी माना जाने लगता है और यही स्थिति हर्षवर्धन के साथ घूमने पर हो रही है। कई कार्यकर्ताओं ने तो प्रदेश कार्यालय आना ही छोड़ दिया है। वहीं, आमलोग इस दुविधा में हैं कि महंगाई की वजह से कांग्रेस से परेशान हैं तो आम आदमी पार्टी की कलई हर दिन खुल रही है। वहीं, भाजपा को अपने में लडऩे से फूर्सत नहीं है तो सरकार क्या बनाएगी, ऐसे में हम वोट किस पार्टी को दें।


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