पत्नी के अलावा ‘वो’ के साथ ‘साझा’ होगा पति

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Sunday, December 01, 2013-3:36 PM

खंडवा: मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की एक अदालत ने अपने एक फैसले में विवाहित व्यक्ति के साथ पत्नी के अलावा लिव-इन-रिलेशनशिप में रह रही महिला का उस घर में रहना न केवल जायज ठहराया, बल्कि व्यक्ति की संपत्ति में महिला की भागीदारी भी सुनिश्चित कर दी। इस मामले का फैसला कल खंडवा में आयोजित (राष्ट्रीय लोक अदालत) में न्यायाधीश गंगाचरण दुबे ने दिया। मामले के अनुसार खंडवा जिले का मांधाता निवासी बसंत माहूलाल करीब 10 साल से अपनी पत्नी के अलावा दूसरी महिला से ‘लिव इन रिलेशनशिप’ में था। बाद में पति ने महिला को घर में ही रख लिया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार पत्नी ने परेशान होकर दो साल पहले इसकी शिकायत की थी। मामला परिवार परामर्श केंद्र में भी गया, लेकिन वहां इसका निपटारा नहीं हो सका। मामला अदालत में पहुंचा और ग्राम न्यायाधिकारी गंगाचरण दुबे ने इसकी जांच कराई। रिपोर्ट में घरेलू ङ्क्षहसा होना पाया गया। विवाहित व्यक्ति बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर पदस्थ है। इसके बाद पति और ‘लिव इन रिलेशनशिप’ के तहत रह रही महिला को नोटिस जारी हुआ। दोनों ने अदालत में कहा कि लिव इन रिलेशनशिप कोर्ट की नजर में भी पाप नहीं है। इसलिए हमारी बातों पर भी ध्यान दिया जाए।

अदालत ने तीनों पक्षों के बीच आपसी सहमति के बाद समझौता कराते हुए यह फैसला दिया। समझौते के मुताबिक अब पति और पत्नी के साथ एक ही घर में ‘लिव इन रिलेशनशिप पार्टनर’ ‘प्रेमिका’ भी रहेगी। पार्टनर को मकान खेत जमीन में से आधा हिस्सा भी मिलेगा। पति को बारी-बारी से दोनों के साथ 15-15 दिन रहना होगा। विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने कहा कि घर के तीन कमरों में पति बीच के कमरे में रहेगा, जबकि पत्नी और पार्टनर उस व्यक्ति के आजू-बाजू के कमरे में रहेंगी।


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