समलैंगिकता का महाभारत में भी जिक्र, फैसले से हम सहमत नहीं: शिवानंद तिवारी

  • समलैंगिकता का महाभारत में भी जिक्र, फैसले से हम सहमत नहीं:  शिवानंद तिवारी
You Are HereNational
Wednesday, December 11, 2013-2:41 PM

नई दिल्ली: धारा 377 पर सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले पर विवाद खड़ा हो गया है। कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए जेडीयू सांसद शिवानंद तिवारी ने कहा कि समलैंगिकता तो आदिकाल से चला आ रहा है। इसे नजरअंदाज करना गलत होगा। महाभारत में भी इसकी चर्चा थी।

जब पांडवों को अज्ञातवास मिला तो इस दौरान अर्जुन पुरुष होने के बावजूद महिला की वेशभूषा में उत्तरा को नृत्य सिखाते थे। ये आदिकाल से चला आ रहा है। इसे नहीं कबूल करना नादानी है। दुनिया के अन्य देशों में समलैंगिक विवाहों को कानूनी मंजूरी मिली है। सुप्रीम कोर्ट को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। वहीं कांग्रेस सांसद मणिशंकर अय्यर ने कहा, 'हर इंसान के साथ बराबरी का व्यवहार होना चाहिए चाहे वह समलैंगिक ही क्यों न हो।'


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You