शूगर के मरीज को खीर खाने की सलाह देकर फंसे निर्मल बाबा

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Thursday, December 12, 2013-12:50 PM

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले की एक अदालत ने धोखाधड़ी के एक मामले में निर्मल बाबा के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है।  ओरंगाशाहपुर डिग्गी निवासी हरीशवीर ने पिछले साल अक्टूबर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम विनीता के न्यायालय में परिवाद दायर कर आरोप लगाया था कि शूगर की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए उन्होंने अप्रैल 2012 में निर्मल बाबा से सम्पर्क किया था। निर्मल बाबा ने उनसे काफी पैसा लेकर खीर खाने और गरीबों को खिलाने की सलाह दी थी।

बाबा का कहना था कि ऐसा करने से उन्हें शूगर की बीमारी से मुक्ति मिल जाएगी। पड़ोस के जनपद बागपत जनता वैदिक कॉलेज में प्राध्यापक हरीशवीर ने बाबा की सलाह पर खीर खानी शुरु कर दी। जिससे उनका स्वास्थ्य बहुत खराब हो गया और बमुश्किल जान बची। इसके बाद बाद हरीशवार ने निर्मल बाबा के खिलाफ पुलिस में सम्पर्क किया लेकिन वहां उसकी शिकायत दर्ज नहीं हुई। जिसके बाद उन्होंने अदालत की शरण लेते हुए निर्मल बाबा के खिलाफ वाद मामला किया।  

इस मामले में पिछले साल 31 अक्टूबर को अदालत ने निर्मल बाबा को तलब किया लेकिन समन जारी होने के बाद भी वह अदालत में उपस्थित नही हुए। अलबत्ता, इस दौरान उनकी तरफ से अदालत में हाजरी माफ की अर्जी दी गई। बुधवार को अदालत ने इस अर्जी को निरस्त करते हुए निर्मल बाबा के खिलाफ वारंट जारी करते हुए 6 जनवरी को अदालत में तलब किया है।


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