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गहलोत के फोटो से भाजपा सरकार दुविधा में, अटके 5 करोड़ के सी.एफ.एल.

  • गहलोत के फोटो से भाजपा सरकार दुविधा में, अटके 5 करोड़ के सी.एफ.एल.
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Monday, December 30, 2013-11:40 AM

जयपुर: प्रदेश की बिजली वितरण कम्पनियों में 5 लाख सी.एफ .एल. पिछले 3 माह से धूल फांक रहे हैं। ये सी.एफ .एल. वे हैं जिन्हें पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा मुफ्त में बांटा जाना था। विधानसभा चुनाव से कुछ माह पहले इसकी घोषणा की गई थी जिसके तहत सवा करोड़ सी.एफ .एल. मंगवाए गए, अब बचे हुए सी.एफ .एल. जयपुर, जोधपुर और अजमेर बिजली वितरण कम्पनियों के सर्किल व  ए.ई.एन. कार्यालयों के स्टोर में रखे हुए हैं।

सी.एफ .एल. के कवर पर पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व ऊर्जा मंत्री की फोटो  लगी होने के कारण अफ सर इन्हें बांट नहीं रहे हैं। सरकार भी दुविधा में है व बची हुए सी.एफ .एल. व योजना के विकल्प तलाश कर रही है, वहीं सी.एफ .एल. के कवर को बदलने पर भी विचार चल रहा है। सरकार ने एक सी.एफ .एल. करीब 107 रुपए में खरीदा था। इस हिसाब से बची हुए 5 लाख सी.एफ .एल. की कीमत करीब 5.35 करोड़  रुपए है।

बिजली कम्पनियों ने सर्कल स्तर के स्टोर के साथ ही सभी सहायक अभियंता (ए.ई.एन.) से शेष सी.एफ .एल. की वास्तविक स्थिति की जानकारी मांगी है। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव शैलेंद्र अग्रवाल ने बताया कि डिस्कॉम स्टोर के स्टॉक में रखे सी.एफ .एल. की जानकारी ली जा रही है। शेष रहे सी.एफ .एल. व योजना के बारे में शीघ्र ही नीतिगत निर्णय लिया जाएगा।

यह थी योजना
ऊर्जा विभाग के निर्देश के बाद जून 2013 में जयपुर डिस्कॉम, जोधपुर डिस्कॉम व अजमेर डिस्कॉम में बिजली की बचत करने के लिए मुख्यमंत्री बिजली बचत लैम्प योजना शुरू की गई थी। इसके तहत एक उपभोक्ता को 20 वाट के 2-2 सी.एफ .एल. दिए जाने थे ताकि बिजली की ’यादा खपत करने वाले बल्ब का प्रचलन बंद हो। योजना के लिए सब-डिवीजन (ए.ई.एन.) कार्यालयों में शिविर लगाए गए और उपभोक्ता का बिल व पहचान पत्र देख कर सी.एफ .एल. देना शुरू किया गया।

केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से क्योटो प्रोटोकाल के तहत सी.एफ .एल. के दाम को कम करने और उसका प्रयोग बढ़ाने के लिए बचत लैंप योजना साल 2008 में शुरू की गई थी।  इसके तहत सी.एफ .एल. का उपयोग बढ़ाने के लिए बिजली वितरण कम्पनियों के जरिए एक सी.एफ .एल. 15 रुपए तक में बेचा जाना था, लेकिन प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जून में राज्य सरकार ने नि:शुल्क  सी.एफ .एल. योजना शुरू कर दी। बिजली कम्पनी की ओर से बांटे गए 20 वाट के सी.एफ .एल. पर 15 महीने की गारंटी दी गई। इस दौरान सी.एफ .एल. खराब होने पर नि:शुल्क बदलने का वायदा भी किया गया।

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