मेडिकल कॉलेज को नियुक्त करना होगा लेक्चरार

  • मेडिकल कॉलेज को नियुक्त करना होगा लेक्चरार
You Are HereNational
Thursday, January 02, 2014-2:00 PM

नई दिल्ली (मनीषा खत्री): दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले मेडिकल कॉलेज में चयन होने के बाद भी एक डॉक्टर को लेक्चरार के तौर पर नियुक्ति न करना कॉलेज को भारी पड़ गया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कॉलेज को निर्देश दिया है कि वह याचिकाकर्ता को चार सप्ताह में नियुक्ति पत्र दे।

कॉलेज द्वारा इस पद के लिए फिर से शुरू की गई चयन प्रक्रिया को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति वी.जे. मेहता ने कॉलेज पर बीस हजार रुपए जुर्माना लगाते भी लगाया है। खंडपीठ ने कहा कि कॉलेज यह बताने में नाकाम रहा है कि जब एक लेक्चरार चयनित हो ही गए थे तो उनको रखने की बजाय, फिर से चयन प्रक्रिया क्यों शुरू की गईं। ऐसे में फिर से शुरू की गई चयन प्रक्रिया को रद्द किया जाता है।

याचिकाकर्ता डॅाक्टर अतुल भारद्वाज का कहना था कि दिल्ली सरकार के तहत आने वाले चौधरी ब्रहम प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान के बी.ए.एम.एस कोर्स में शैल्य तंत्र विषय पढ़ाने के लिए लेक्चरार की नियुक्ति के लिए 9 सितम्बर 2000 और 19 फरवरी 2010 में विज्ञापन जारी किए गए थे।

जिसके बाद लिखित परीक्षा हुई और इंटरव्यू लिए गए। 11 फरवरी 2011 को योग्य उम्मीदवार की सूची तैयार की गई परंतु उनको नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए। अब कॉलेज ने फिर से इन पद के लिए विज्ञापन दे दिया और उनको अब तक नहीं बुलाया गया। ऐसे में कॉलेज द्वारा शुरू की गई नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द कर दिया जाए  उसको नियुक्ति पत्र देने का आदेश दिया जाए।

दिल्ली सरकार व इस कॅालेज का कहना था कि जब 11 फरवरी 2011 को उन्होंन उम्मीदवार चयनित किए थे। उनके कॅालेज में सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसीन के अधिकारियों को जांच के लिए आना था परंतु उसमें देरी हो गई और वह फरवरी 2013 तक वह प्रक्रिया पूरी हुई। शैल्य तंत्र विषय उनके कोर्स में तीसरे वर्ष में पढ़ाया जाना था इसलिए उन्होंने उस समय लेक्चरार नियुक्त नहीं किए क्योंकि कॉलेज पर खर्चा बढ़ जाता।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You