यासीन मलिक सहित कई अलगाववादी नेता हिरासत में लिए गए

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Saturday, February 01, 2014-10:34 AM

श्रीनगर: पथरीबल कथित फर्जी मुठभेड़ केस बंद करने के थलसेना के हालिया फैसले के खिलाफ जुमे की नमाज के बाद होने वाले किसी प्रदर्शन पर रोक लगाने के मकसद से जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख मोहम्मद यासीन मलिक सहित 10 से ज्यादा अलगाववादी नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया जबकि कई अन्य को नजरबंद किया गया है।
 
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मलिक और उनकी पार्टी के 10 वरिष्ठ नेताओं को उस वक्त हिरासत में लिया गया जब वे आज दोपहर शहर के माइसूमा स्थित मुख्यालय से लाल चौक तक मार्च निकालने की कोशिश कर रहे थे। जेकेएलएफ ने जुमे की नमाज के बाद लाल चौक तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। पथरीबल फर्जी मुठभेड़ केस में अपने जवानों और अधिकारियों को क्लीन चिट देने के थलसेना के फैसले के बाद जेकेएलएफ ने यह ऐलान किया था।


पुलिस की कार्रवाई से पहले मलिक ने सभा को संबोधित करते हुए कहा था, ‘‘विदेशी आतंकवादी बताकर आम लोगों को मौत के घाट उतारना और फिर हत्यारों को क्लीन चिट दे देना भारतीय लोकतंत्र पर गहरा धब्बा है.....पीड़ितों का परिवार पिछले 14 साल से इंसाफ का इंतजार कर रहा है ।’’ मलिक ने कहा कि केस बंद करने का कोई मतलब नहीं था क्योंकि सीबीआई तक ने कहा था कि पथरीबल में सात लोगों को सोची-समझी साजिश के तहत मारा गया । सीबीआई ने आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिए जाने की वकालत की थी ।

जेकेएलएफ प्रमुख ने कहा, ‘‘14 साल बाद हमें बताया जाता है कि थलसेना को जनसंहार में अपने लोगों के शामिल होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं और थलसेना ने मामले को बंद कर दिया है । कश्मीरी अवाम इस मुद्दे को हल्के में नहीं लेगर और पूरे जोर-शोर से अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेगा ।’’


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