वरिष्ठ नेता केशुभाई पटेल छोड़ेंगे सक्रिय राजनीति

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Wednesday, February 12, 2014-5:19 PM

राजकोट: वरिष्ठ नेता केशुभाई पटेल ने सक्रिय राजनीति छोडऩे का ऐलान करते हुए आज इच्छा जताई कि उनके द्वारा गठित गुजरात परिवर्तन पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया जाना चाहिए। अपने समर्थकों से मिलने के लिए जूनागढ़ जिले में स्थित अपने निर्वाचन क्षेत्र विसावदर भेसान के एक दिन के दौरे पर गए 86 वर्षीय पटेल ने उन्हें सक्रिय राजनीति छोडऩे के अपने फैसले से अवगत कराया।समर्थकों से पटेल ने कहा ‘‘अपनी बढ़ती उम्र और बीमार स्वास्थ्य को देखते हुए मैं विधायक पद से इस्तीफा देने जा रहा हूं।’’

लोकसभा चुनाव से पहले पटेल का यह बयान राज्य में मोदी की अगुवाई वाली भाजपा के लिए संजीवनी की तरह है और इससे पार्टी को राज्य से अधिकतम सीटें जीतने की उसकी योजना में मदद मिलेगी।  पटेल ने कहा ‘‘मैंने अब तक किसी राजनीतिक दल में शामिल होने का फैसला नहीं किया है लेकिन मुझे लगता है कि जीपीपी का कांग्रेस के बजाय एक राजनीतिक दल में विलय कर दिया जाए।’’ उन्होंने संकेत दिया कि वह अपनी पार्टी का भाजपा में विलय चाहते हैं।

दिसंबर 2012 में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने थे और उससे पहले सितंबर 2012 में पटेल ने जीपीपी का गठन किया था। उनकी पार्टी ने कुल 182 सीटों पर उम्मीदवार उतारे लेकिन उसे केवल दो ही सीटें मिल पाईं। पिछले माह पटेल के पुत्र भरत पटेल भाजपा में शामिल हो गए जिसके बाद पटेल ने जीपीपी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। छह बार विधायक रह चुके केशुभाई ने कहा ‘‘विधानसभा सत्र शुरू होने पर मैं विधानसभा अध्यक्ष को विधायक पद से अपना इस्तीफा सौंप दूंगा।’’
राज्य विधानसभा का सत्र 20 फरवरी से शुरू होगा।

विसावदार भेसान विधानसभा सीट केशुभाई के इस्तीफे के बाद रिक्त हो जाएगी। इस सीट से उनके पुत्र के चुनाव लडऩे की योजना के बारे में पटेल ने कहा ‘‘एक पिता होने के नाते मैं भरत को पूरा समर्थन दूंगा।’’

केशुभाई 1995 में भाजपा से गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। सक्रिय राजनीति छोडऩे की उनकी घोषणा से उनका करीब साढ़े पांच दशक का राजनीतिक करियर खत्म हो सकता है। भाजपा नेतृत्व ने 2001 में उन्हें अचानक मुख्यमंत्री पद से हटा दिया था और मोदी को मुख्यमंत्री बना दिया था। तब से ही भाजपा नेतृत्व के प्रति मन में कड़वाहट रखने वाले केशुभाई ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाई। वर्ष 1960 में जनसंघ के एक कार्यकर्ता के तौर पर अपना राजनीतिक करियर शुरू करने वाले पटेल भाजपा के संस्थापक सदस्य भी हैं और गुजरात में पार्टी के उदय के साथ ही वह इसके स्तंभ भी बन गए।
 

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