नेता नहीं जनता देश को बदलती है: राहुल गांधी

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Tuesday, February 25, 2014-3:14 PM

नई दिल्ली: उत्तर पूर्व के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए नस्लभेद विरोधी कानून तैयार करने की मांग के बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज कहा कि केन्द्र क्षेत्र के लोगों को पूरे भारत में कुछ बुनियादी अधिकार और सुरक्षा देने की दिशा में काम कर रहा है।

राहुल गांधी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि नेता नहीं जनता देश को बदलती है। मुझे शक्ति नहीं चाहिए, मैं चाहता हूं जनता को शक्ति मिले। उन्होंने कहा कि आदिवासियों से मैंने बहुत कुछ सीखा। 70 साल में जो काम हुआ वो हिंदोस्तान की जनता ने किया है। हम आने वाले समय में महिलाओं को शक्ति देंगे।

राहुल ने कहा कि हम गरीबों और दलितों के लिए काम करते रहेंगे। गांधी ने दिफू में आदिवासी नेताओं के साथ संवाद के दौरान कहा, ‘‘आप को यह अधिकार मेघालय, त्रिपुरा और असम जैसे आपके पैतृक स्थानों पर ही नहीं बल्कि पूरे भारत में हासिल होंगे।’’  बातचीत में भाग लेने वाले लोगों ने अरूणाचल प्रदेश के युवक नीडो तानिया के साथ कुछ दिन पूर्व राष्ट्रीय राजधानी में कुछ दुकानदारों के साथ कथित मारपीट के बाद उसकी मौत का मामला उठाया। यह स्वीकार करते हुए कि पूर्वोत्तर के छात्रों के साथ भेदभाव होता है, गांधी ने कहा, ‘‘हम, केन्द्र में, लोगों को ऐसे बुनियादी अधिकार और सुरक्षा देने पर काम कर रहे हैं, जो पूरे भारत में हासिल हों। आपको यह अधिकार केवल उन इलाकों में ही हासिल नहीं होंगे जहां आप रहते हैं, जैसे मेघालय, त्रिपुरा और असम, बल्कि पूरे भारत में हासिल होंगे।’’

 राहुल ने कहा, ‘‘विपक्षी भ्रष्टाचार के बारे में बात करते हैं, लेकिन इसके खिलाफ सबसे शक्तिशाली और ऐतिहासिक हथियार आरटीआई की शक्ल में हमारी सरकार ने दिया है। नौकरशाहों ने बंद दरवाजों के पीछे क्या किया यह कोई भी आम आदमी आरटीआई दाखिल करके जान सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब लोग भ्रष्टाचार की बात करते हैं तो ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सत्ता कुछ ही लोगों के पास केन्द्रित है। हम फैसले करने की इस प्रक्रिया को खोलना चाहते हैं।’’ गांधी ने कहा कि फैसले करने की ताकत कुछ लोगों तक सीमित है और कुछ मिलाकर 4500 विधायक और 800 सांसद हैं, जो तमाम कानून बनाते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि लंबे समय से यह शिकायत है कि केवल एक परिवार अथवा एक व्यक्ति को ही टिकट मिलता रहता है।

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