...तो ये है BSP की रणनीति

  • ...तो ये है BSP की रणनीति
You Are HereUttar Pradesh
Wednesday, March 12, 2014-2:46 PM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) की रैलियों को देखते हुए अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) भी राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की रैलियों की रणनीति तैयार कर रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुजफ्फरनगर दंगे के बाद से राज्य में बदली स्थितियों के मद्देनजर पश्चिमी उप्र में मायावती की रैलियों का खाका तैयार किया जा रहा है।

बसपा, मायावती की रैलियां खासतौर से राज्य के मुस्लिम बहुल इलाकों में आयोजित कराने की योजना बना रही है, ताकि दंगे के बाद उन इलाकों के मौजूदा सियासी समीकरणों की थाह ली जा सके। मायावती के जल्द ही लखनऊ आने की संभावना है। पार्टी उनका चुनावी कार्यक्रम तैयार कर रही है। मायावती मण्डल स्तर पर चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगी।

पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि मुजफ्फरनगर दंगे के बाद राज्य के पश्चिमी क्षेत्रों में मायावती की कोई बड़ी रैली आयोजित नहीं की गई है। अब लोकसभा चुनाव को देखते हुए मुजफ्फरनगर के अलावा, शामली, बागपत, बरेली, कैराना, सहारनपुर, बुलंदशहर और उसके आसपास के इलाकों में मायावती की बड़ी रैलियां कराने की योजना बनाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में पश्चिमी उप्र में बसपा की स्थिति काफी मजबूत थी। पश्चिमी उप्र की ज्यादातर सीटों पर बसपा प्रत्याशियों ने कब्जा किया था और इस जीत की बड़ी वजह मुस्लिम समुदाय का समर्थन था। लेकिन, इस बार दंगे के कारण स्थितियां बदली हुई हैं और उससे बने सियासी समीकरणों पर पार्टी लगातार नजर रखे हुए है।

बसपा को हालांकि उम्मीद है कि इस बार के चुनाव में केंद्र तथा प्रदेश की सपा सरकार के खिलाफ  व्याप्त जनाक्रोश का लाभ पार्टी को मिल सकता है, खासकर मुस्लिम बहुल इलाकों में। इसलिए पार्टी केंद्र और राज्य सरकार की नाकामियों और बसपा सरकार की उपल्बिधयों को लेकर जनता के बीच जाएगी।

बसपा के महासचिव एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि पार्टी का संगठनात्मक ढांचा मजबूत है। पार्टी प्रत्याशियों ने चुनाव की तैयारियां बहुत पहले से कर रखी है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस बार चुनाव में हम पूरी ताकत से उतरेंगे, क्योंकि उप्र देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहीं से देश की दशा-दिशा तय होती है। लोकसभा चुनाव में हमारी पार्टी अकेले ही कांग्रेस, भाजपा व सपा से टक्कर लेगी, क्योंकि ये सभी दल चुनाव के समय एक हो जाते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी तैयारी लोकसभा चुनाव को लेकर बहुत पहले से है। करीब साल भर से पार्टी प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। बूथ स्तर पर संगठन को चाक चौबंद कर दिया गया है।’’

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!

Recommended For You