कश्मीर में कर्फ्यू जैसे हालात : हड़ताल, प्रतिबंधों से जनजीवन प्रभावित, रेल सेवाएं बाधित

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Saturday, June 17, 2017-5:51 PM

श्रीनगर : ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के शहर-ए-खास, पुराने इलाकों सहित घाटी के कई अन्य इलाकों में शनिवार को कर्फ्यू जैसे हालात रहेें। सुरक्षा बलों की गोलीबारी में तीन युवकों के मारे जाने के विरोध में अलगाववादियों की ओर से आहूत हड़ताल के मद्देनजर विरोध-प्रदर्शनों को रोकने के लिए आज सुबह से कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लागू कर दिये गये हैं। इस दौरान हड़ताल और प्रतिबंधों की वजह से समूची घाटी में आम जनजीवन अस्त व्यस्त रहा।

हिंसा की अशंका के मद्देनजर रेल सेवाएं बाधित रही। साथ ही कश्मीर विश्वविद्यालय में आज सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम, पुलवामा और पम्पोर में भी कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगाए गए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि श्रीनगर के पुराने इलाके में स्थित एम आर गंज, नौहट्टा, खानयार, रैनावाड़ी और सफाकदल के पांच थाना क्षेत्रों में धारा 144 के तहत प्रतिबंध हैं । सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के जवानों ने सभी सडक़ों को कंटीले तारों से बंद कर दिया है और लोगों को अपने-अपने घरों के भीतर रहने के निर्देश दिये जा रहे हैं।

यातायात बंद
चट्टाबल से खानयार की ओर जाने वाले मुख्य नल्लामार मार्ग को भी बंद कर दिया गया है और किसी को भी आवागमन की अनुमति नहीं दी जा रही है। एस.के.आई.एम.एस. अस्पताल  की ओर जाने वाली ईदगाह रोड को खुला रखा गया है लेकिन केवल मरीजों को ले जा रहे वाहनों और एंबुलेंस को पूरी जांच के बाद आगे जाने दिया जा रहा है।

लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं
नल्लामार मार्ग के दोनों तरफ के निवासियों ने आरोप लगाया है कि इस इलाके में तैनात सुरक्षा बल उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। सुरक्षा बलों के एक जवान ने कहा कि हमें किसी को भी घर से बाहर नहीं निकलने देने और पाबंदियों का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश मिले हैं। उसके मुख्य द्वार बंद कर दिये गये हैं और जामिया बाजार में सुरक्षा बलों के जवान तैनात हैं।

 

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