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जब धोनी का आधार डाटा लीक हो सकता है तो आम आदमी का क्यों नहीं: सुप्रीम कोर्ट

  • जब धोनी का आधार डाटा लीक हो सकता है तो आम आदमी का क्यों नहीं: सुप्रीम कोर्ट
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Sunday, January 21, 2018-12:01 PM

नई दिल्ली: आधार की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बहस का दौर लंबे समय से चला आ रहा है। चीफ जस्टिस ऑफ  इंडिया (सी.जे.आई.) दीपक मिश्रा की संवैधानिक पीठ ने लोगों की निजी जानकारी लीक होने पर चिंता जाहिर की है। पीठ ने भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी और टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की आधार डिटेल्स लीक हो जाने का उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब एक सैलिब्रिटी का डाटा लीक हो सकता है तो आम आदमी का क्यों नहीं। उसने कहा कि ऐसा होना बड़ी चिंता की बात है। उसने केंद्र से जवाब मांगा कि आप सेफ्टी के लिए क्या कदम उठा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में आधार को लेकर गुरुवार से बहस शुरू हो गई है।

शीर्ष अदालत का कहना है कि सरकार बताए कैसे वह संवेदनशील बायोमीट्रिक से प्राप्त जानकारी किसी प्राइवेट कंपनी को देने से बचा सकती है। उसने सरकार से कहा है कि वह सारे डाटा को सुरक्षित रखे और इस बात को सुनिश्चित करे कि इसका गलत इस्तेमाल न हो। यह टिप्पणी 5 जजों की बैंच ने वरिष्ठ वकील श्याम दीवान के आधार की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान की।

पिछले साल 9 जजों की पीठ ने निजता के अधिकार को मूलभूत अधिकार करार दिया था और सरकार को डाटा सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाने के आदेश दिए थे। वरिष्ठ वकील दीवान ने आधार की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है। उनका कहना है कि प्राइवेट ऑप्रेटर्स द्वारा इकट्ठा की जाने वाली सूचना बेची जाती है और यू.आई.डी.ए.आई. का इसके ऊपर कोई नियंत्रण नहीं है। अपनी बात के समर्थन में उन्होंने न्यूज रिपोर्ट सहित स्टिंग ऑप्रेशन कोर्ट के सामने पेश किए।

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