जमानत मिली पर रिहाई नहीं

  • जमानत मिली पर रिहाई नहीं
You Are HereNcr
Sunday, March 23, 2014-2:24 PM

नई दिल्ली (मनीषा खत्री): यह एक गंभीर मामला है कि अदालतों के आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। जेल प्रशासन इसे हल्के में न ले। यह टिप्पणी दिल्ली हाइकोर्ट ने एक आरोपी को जमानत मिलने के बाद भी रिहा न करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए की है। कोर्ट ने इस मामले में जेल अधिक्षक व डी.सी.पी. को अदालत में तलब किया है। अब इस मामले में 24 मार्च को सुनवाई होगी।


न्यायमूर्ति इंद्रमीत कौर ने कहा कि कैदी को अदालत ने 13 मार्च को जमानत दी थी लेकिन अभी तक उसे रिहा नहीं किया गया, जबकि अदालत के आदेशानुसार उसने सारी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं। इतना ही नहीं जेल प्रशासन गलती मानने के बजाय सरकारी औपचारिकताओं की दुहाई दे रहा है।

अदालत ने कहा कि इस मामले में जेल प्रशासन व पुलिस की ओर से घोर लापरवाही बरती गई है, इसलिए जेल अधीक्षक और डी.सी.पी. सिविल लाइन स्वयं अदालत के समक्ष पेश होकर मामले में अपना-अपना स्पष्टीकरण दें।


तिहाड़ में बंद ईनाम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उसने बताया कि 2006 में हुए दुष्कर्म के मामले में निचली अदालत ने उसे जनवरी 2008 में दस साल कैद की सजा दी थी। इस आदेश को उसने फरवरी 2008 में उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। अब उसकी अपील पर सुनवाई चल रही है। वह लगभग नौ साल तीन महीने जेल में बिता चुका है।

13 मार्च को उसकी अपील लंबित होने के कारण न्यायालय ने उसे जमानत दे दी थी। उसे 15 हजार रुपए के मुचलके व एक जमानती लाने की शर्त पर जमानत दी गई थी। उसने सारी औपचारिकताएं पूरी कर दीं, लेकिन जेल प्रशासन ने उसे रिहा नहीं किया। ऐसे में जेल प्रशासन को उसे रिहा करने के निर्देश दिए जाएं।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You