नाराज कांग्रेसियों के 'आप' की तरफ बढ़ रहे हैं 'कदम'

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Saturday, January 04, 2014-12:27 PM

जालंधर (नीरज बाली): पंजाब कांग्रेस में बगावती स्वरों के बाद अब एक नया स्वर उभरने लगा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक कई दिग्गज नेता आम आदमी पार्टी का हाथ थाम सकते हैं। यह दिग्गज जल्द ही पार्टी आला कमान को मिलने वाला है यदि वहां से इन्हें कोई संतुष्ट जवाब नहीं मिलता तो पंजाब कांग्रेस का एक धड़ा आम आदमी पार्टी में जाने के लिए तैयार है लेकिन इसके लिए फिलहाल कांग्रेसी नेता दिल्ली से जवाब आने के इन्तजार में है।

यह नाराज नेता इस उधेड़-बुन में भी है कि यदि यह लोग कांग्रेस को छोड़ आम आदमी पार्टी का दामन थामते हैं तो 'आप' में इनका रुतबा क्या होगा। पंजाब में अभी तक पांच कांग्रेसी अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। जिनमें मोगा से कांग्रेस के साफ़ छवि माने जाने वाले शीर्ष नेता और पूर्व पूर्व विधायक विजय साथी ने वीरवार को अपना इस्तीफा पीपीसी के प्रधान को नहीं बल्कि पार्टी हाई कमान को भेजा है।

पंजाब केसरी के साथ बातचीत में उन्होंने कहा ''मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं, फिलहाल नई जम्बो सूची पर पहले कांग्रेस हाई कमान के जवाब का इन्तजार कर रहा हूं। अगर कोई ठोस कदम उठता नहीं दिखता तो वह घर बैठ जाएंगे उसके बाद घर से उन्हें कोई भी ले जाए। उन्होंने दिल्ली में केजरीवाल का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे केजरीवाल लोगों के बीच गए थे मैं भी लोगों के बीच जाउंगा''। यानि इशारों ही इशारों में उन्होंने 'आप' का दामन थामने की बात भी कही हालांकि आखिरी फैसला पब्लिक पर छोड़ा। उन्होंने दिल्ली में केजरीवाल सरकार को कांग्रेस के समर्थन देने का हवाला देते हुए कहा अगर केजरीवाल की देश में लहर न होती तो कांग्रेस का 'आप' को समर्थन देना संभव न होता।

दूसरी तरफ गुरदासपुर से एक मौजूदा विधायक कहते हैं यदि कांग्रेस की तरफ से उन्हें कोई सपष्ट जवाब नहीं मिला और आप की तरफ से उन्हें पंजाब में राज्य स्तर पर बड़े ओहदे मिलतें हैं तो वह आप में जाने के बारे में सोचेंगें। वह यह भी मानते हैं कि आम आदमी पार्टी इतनी जल्दी किसी को भी अपनी पार्टी में बड़े ओहदे देने वाली नहीं, यानि साफ़ है दिल्ली की तरह पंजाब के नेतायों में इसका असर है और इसका फायदा कांग्रेस के नाराज नेता और पंजाब में 'आप' को हो सकता है। लोहगढ़ से सुखजीत सिंह काका जो अकाली दल छोड़ कांग्रेस की टिकेट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं का कहना है कि वह जनता के कहने के साथ है।

उन्होंने माना कि जिस तरह अकाली दल में उन्हें नजर अंदाज किया जाता था उसी तरह से वो कांग्रेस में भी नजर अंदाज हो रहे है लेकिन साथ ही कहा अभी दिल्ली से फैसला होना बाकी है। मोगा से ही पूर्व जिला अध्यक्ष जगदर्शन कौर ने प्रदेश सचिव पद से इस्तीफा दे दिया है उनका कहना है अगर पार्टी हमारे बारे में नहीं सोचेगी तो हमे कुछ सोचना पड़ेगा। उन्होंने कहा पंजाब महा सचिव बनाने के लिए आला कमान से उनकी बात हो चुकी थी लेकिन यह चपलोसन कि पार्टी है जिसमें उन्हें स्थान नहीं मिला। विधायक जगमोहन सिंह कंग कहते हैं कि वह इस मसले को घर में बैठ कर सुलझाएंगें।

पार्टी के ही एक महा सचिव ने अपना नाम न बताने की शर्त पर पंजाब केसरी से कहा जाहिर है कुछ योग्य कार्यकर्ताओं को उनका उचित स्थान नहीं मिला। उन्होंने कहा "हम लोग आज शकील अहमद जी से मिलने जा रहे है और इसका जल्दी ही कोई हल निकाल लिया जाएगा। जो कार्यकर्त्ता पार्टी से नाराज है उन्हें मीडिया में जाकर बयानबाजी करने से बचना चाहिए और इस तरह के मसले आपस में बैठ कर निबटा लेने की जरुरत है"। जाहिर है यदि कांग्रेस हाई कमान ने पंजाब के इस मसले को जल्द न सुलझाया तो पंजाब में कांग्रेस का टूटना तय है जिसका सीधा-सीधा फायदा अकाली-भाजपा और 'आप' को हो सकता है।


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