सचिन को 'भारत रत्न' दिए जाने के खिलाफ याचिका

  • सचिन को 'भारत रत्न' दिए जाने के खिलाफ याचिका
You Are HereSports
Saturday, November 23, 2013-1:51 PM

लखनऊ: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में महान क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न दिए जाने के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को जनहित याचिका दायर की गई। लखनऊ निवासी भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी एवं सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर की तरफ से दायर जनहित याचिका में कहा गया कि भारत रत्न देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और इसे अत्यंत विचार-विमर्श के बाद ही किसी को दिया जाना चाहिए।

याचीगण के अनुसार विश्व-स्तर पर सचिन से बेहतर प्रदर्शन करने वाले विश्वनाथन आनंद, मिल्खा सिंह, गीत सेठी जैसे अनेक चैंपियन इस देश में हैं जिन्होंने कहीं अधिक स्पर्धी खेलों में अत्यंत शानदार प्रदर्शन किया है। वहीं क्रिकेट का खेल, खेल कम और तमाशा ज्यादा है जो देश की प्रगति में सीधे बाधक हैं। क्रिकेट खिलाड़ी को देश का सर्वोच्च सम्मान देना देश को निष्क्रियता का संदेश देगा।

अमिताभ और नूतन ने भारत रत्न देने की प्रक्रिया को भी चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार अकेले प्रधानमंत्री की संस्तुति पर दिया जाता है, जिसमें न तो पारदर्शिता है और न ही सार्वभौमिकता। उन्होंने यह पुरस्कार एक वृहद् कमेटी द्वारा दिए जाने और इस कमेटी द्वारा अब तक देश के समस्त वास्तविक रूप से महान भारतीय जैसे अशोक, अकबर, कालिदास, कबीर आदि को दिए जाने की मांग की है ताकि यह पुरस्कार अपने नाम को वास्तविक रूप से साकार कर सके।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You