‘विदेशों में बन रहे’ चंद भारतीय बदनामी का कारण!

Edited By Updated: 30 Sep, 2026 02:30 AM

a few indians being made abroad are the reason for infamy

एक ओर भारतीय विश्व के कई देशों में उच्च पदों पर आसीन हैं तथा वहां के राजनीतिक, व्यापारिक एवं सामाजिक जीवन में छाए हुए हैं तो दूसरी ओर चंद भारतीय विदेशों में नशीले पदार्थों की तस्करी, हत्या, छेड़छाड़ आदि अपराधों के सिलसिले में गिरफ्तार होकर देश की...

एक ओर भारतीय विश्व के कई देशों में उच्च पदों पर आसीन हैं तथा वहां के राजनीतिक, व्यापारिक एवं सामाजिक जीवन में छाए हुए हैं तो दूसरी ओर चंद भारतीय विदेशों में नशीले पदार्थों की तस्करी, हत्या, छेड़छाड़ आदि अपराधों के सिलसिले में गिरफ्तार होकर देश की बदनामी करवा रहे हैं। ऐसे मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है जिसकी इसी वर्ष की चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :

* 3 फरवरी को ‘ब्रिटिश कोलम्बिया’ (कनाडा) के ‘सर्रे’ में जब्री वसूली करने के मकसद से एक मकान के बाहर गोलियां चलाने के आरोप में 3 भारतीय युवकों ‘हरजोत सिंह’ (21),‘तरणवीर सिंह’ (18) तथा ‘दयाजीत सिंह बिङ्क्षलग’ (21) को गिरफ्तार किया गया। इनके द्वारा की गई फायरिंग से घर के बाहर की बाड़ को आग भी लग गई।
* 15 अप्रैल को ‘सिंगापुर’ से ‘पर्थ’ (आस्ट्रेलिया) जा रहे विमान में एक महिला सहयात्री के यौन उत्पीडऩ और बार-बार उसके साथ अनैतिक छेड़छाड़ करने के आरोप में आस्ट्रेलिया के ‘पर्थ’ हवाई अड्डे पर विमान के उतरते ही ‘सुधीर कुमार’ नामक भारतीय नागरिक को वहां की पुलिस ने गिरफ्तार किया। 

* 1 मई को ‘आस्ट्रेलिया’ में आपराधिक गतिविधियों, वीजा नियमों के उल्लंघन तथा अधिकारियों से सहयोग न करने के आरोप में 15 भारतीयों को विशेष विमान द्वारा भारत वापस भेजा गया। इनमें से केवल 2 के पास ही वैध पासपोर्ट थे। 
* 21 मई को अमरीकी संघीय जांच एजैंसियों ने ‘ऑपरेशन चैकमेट’ के अंतर्गत अमरीका में अवैध रूप से रह रहे और कमर्शियल ट्रक ड्राइवरों के रूप में काम कर रहे 30 भारतीयों को गिरफ्तार किया। 
इसी दिन ‘इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समैंट विभाग’ ने ‘लॉस एंजल्स’ में एक अन्य भारतीय ‘परमिंदरपाल सिंह’ को उसके आपराधिक रिकॉर्ड और अवैध रूप से वहां रहने के आरोप में हिरासत में लिया।

* 26 मई को कनाडा की ‘पील’ पुलिस के ‘जबरन वसूली रोकथाम बल’ ने ‘ब्रैम्पटन’, ‘मिसिसागा’, ‘कैलेडन’ व ‘ब्रिटिश कोलंबिया’ में सक्रिय ‘फॉर ब्रदर्स’ नामक अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक नैटवर्क से सम्बन्धित 17 भारतीयों को गिरफ्तार किया। 
यह गिरोह दक्षिण एशियाई कारोबारियों तथा इस समुदाय के लोगों को निशाना बना कर उनसे जबरन वसूली करने की 24 घटनाओं में शामिल था। पुलिस ने इनसे 6 हथियार, नशीले पदार्थ, कई मोबाइल फोन, सिम तथा फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किए।
* 17 जून को 22 लाख रुपयों की फिरौती के लिए नेपाल के ‘चितवन’ जिले से अगवा किए गए 16 वर्षीय किशोर को ‘काठमांडू’ के एक होटल से सकुशल बरामद करके ‘काठमांडू क्राइम ब्रांच’ की पुलिस ने ‘बिहार’ के 5 युवकों ‘सुजीत’, ‘गोलू सोनी’, ‘विक्की’, ‘मो. शाहिद’ व एक अन्य ‘गोलू’ को गिरफ्तार किया। 

* 9 जुलाई को ‘वाशिंगटन’ (अमरीका) में एक भारतीय इंजीनियर ‘अविनाश नार्ने’ को अपनी पत्नी ‘रजिता सबिनेनी’ की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया। हत्या के बाद उसने क्राइम सीन को इस तरह तैयार किया कि एक बार तो पुलिस भी धोखा खा गई। अब गिरफ्तारी के बाद उसे उम्रकैद तक की सजा मिल सकती है।
* 18 जुलाई को ‘कास्की’ (नेपाल) जिले में 2 भारतीयों ‘राहुल निषाद’ (उत्तर प्रदेश) तथा ‘सोमनाथ जाधव’ (महाराष्ट्र) को चोरी तथा लूटपाट की कम से कम 6 घटनाओं में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार करके उनके पास से 9 मोबाइल फोन, 1 स्मार्ट वाच और 16.26 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए गए।
* 8 सितम्बर को अमरीका में 9.5 मिलियन डॉलर (लगभग 80 करोड़ रुपए) के एक बड़े वित्तीय घोटाले में शामिल होने के आरोप में अमरीकी सुरक्षा एजैंसियों ने मुख्य आरोपी ‘सुनील पटेल’ सहित गुजराती मूल के 9 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया। इन्होंने अमरीका के ‘मिसौरी’ राज्य में अलग-अलग 6 जगहों पर अवैध जुएबाजी का नैटवर्क चला रखा था। आज जहां पूरे विश्व में भारत का डंका बज रहा है और दुनिया भर के मैडिकल, आई.टी. तथा अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले भारतीय अपने देश का नाम रोशन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चंद भारतीयों द्वारा दूसरे देशों में जाकर इस तरह का आचरण किसी भी तरह से उचित नहीं कहा जा सकता। अत: विदेशों में रह रहे भारतीयों को अपने देश की प्रतिष्ठा का ध्यान रखना चाहिए और कोई भी ऐसा कार्य करने से बचना चाहिए जिससे देश के मान-सम्मान पर आंच आए।—विजय कुमार 

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