अध्यापकों द्वारा छात्र-छात्राओं का उत्पीडऩ तथा यौन शोषण लगातार जारी

Edited By ,Updated: 22 Nov, 2022 05:21 AM

harassment exploitation of students by teachers continues

जीवन में माता-पिता के बाद अध्यापक का ही सर्वोच्च स्थान माना गया है।

जीवन में माता-पिता के बाद अध्यापक का ही सर्वोच्च स्थान माना गया है। अध्यापक ही बच्चों को सही शिक्षा देकर ज्ञानवान बनाता है परंतु आज चंद अध्यापक अपनी मर्यादा को भूल कर बच्चों पर अमानवीय अत्याचार के अलावा छात्राओं का यौन शोषण तक कर रहे हैं :

  • 30 जून को चेन्नई के एक सरकारी स्कूल में कैमिस्ट्री के अध्यापक आर. श्रीधर को छात्राओं के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वह छात्राओं को यह बात किसी को न बताने के लिए धमकाता भी था। 
  • 28 जुलाई को पुणे के एक प्राइवेट स्कूल में 3 अध्यापकों द्वारा 10वीं कक्षा में शोर मचाने पर 3 छात्रों को बेंतों से बुरी तरह पीटने के मामले में अध्यापकों के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई गई। 
  • 30 अगस्त को पुणे देहात पुलिस ने जिले के एक सरकारी स्कूल के अध्यापक को 7वीं कक्षा की 12-13 वर्षीय छात्राओं का यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया। 
  • 12 सितम्बर को झारखंड के देवघर में एक निजी स्कूल में 9वीं कक्षा के 2 छात्रों को बुरी तरह पीट कर घायल कर देने के आरोप में 2 अध्यापकों के विरुद्ध पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
  • 20 सितम्बर को उत्तर प्रदेश के हरदोई के एक स्कूल के अध्यापक ने 7वीं कक्षा के एक छात्र को बुरी तरह पीट डाला। हालत बिगडऩे पर उसे लखनऊ के अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां उसकी मौत हो गई। 
  • 1 अक्तूबर को कर्नाटक में दावणगेरे के सरकारी स्कूल में ‘लोकेश होडीगेरे’ नामक अध्यापक को एक छात्रा को परेशान करने पर लड़की के रिश्तेदारों और गांव वालों ने पीटने के बाद अधिकारियों को इसकी सूचना दी जिन्होंने उसे निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। 
  • 17 अक्तूबर तथा उसके बाद भी फरीदाबाद के एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा के छात्र के 10 मिनट लेट पहुंचने पर स्कूल के पी.टी.आई. द्वारा पिटाई से छात्र की हालत इतनी खराब हो गई कि वह वैंटीलेटर पर पहुंच गया। 
  • 3 नवम्बर को चंडीगढ़ के एक सरकारी स्कूल के अध्यापक को 7वीं कक्षा की छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया। 
  • 5 नवम्बर को बेंगलुरू में एक स्कूल टीचर ने प्राइमरी कक्षा के छात्रों को खड़े होकर पढऩे की सजा सुना दी जिस पर एक लड़की चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ी और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
  • 11 नवम्बर को गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल द्वारा नाबालिग छात्रा से बलात्कार करने का मामला सामने आया। वह छात्रा को मोबाइल फोन चलाना सिखाने के बहाने रोक कर उससे बलात्कार करता। उसने छात्रा को धमकाया कि किसी को बताने पर वह उसी स्कूल में पढऩे वाले उसके भाई-बहन की हत्या कर देगा।
  • 11 नवम्बर को ही बेंगलुरू के एक सरकारी स्कूल के फिजीकल एजुकेशन के अध्यापक ‘अंजनप्पा’ को 8वीं और 9वीं कक्षा की 15 छात्राओं को अनुचित ढंग से छूने, यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
  • 17 नवम्बर को आजमगढ़ में एक प्राइवेट स्कूल में 7वीं कक्षा की एक छात्रा ने अध्यापक द्वारा उससे छेड़छाड़ करने की बात जब अपने माता-पिता को बताई तो अध्यापक ने उनके घर जाकर छात्रा और उसके परिवार वालों को बुरी तरह पीट डाला। 
  • 17 नवम्बर को आनंदपुर साहिब में सरकारी स्कूल के अध्यापक को कथित रूप से एक छात्रा को गलत ढंग से छूने और उस पर अश्लील फब्तियां कसने के आरोप में पकड़ा गया। 
  • 18 नवम्बर को राजस्थान में टोंक के सरकारी सीनियर सैकेंडरी स्कूल में एक ï अध्यापक ने लंच के समय खाना खा रहे मनीश उर्फ मनेश सैनी नामक 15 वर्षीय छात्र को अकारण ही लात-घूंसों से बुरी तरह पीट डाला जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लग गई। 
  • छात्र-छात्राओं पर अध्यापकों के एक वर्ग द्वारा मारपीट व यौन शोषण जैसे अपराधों के ये तो चंद उदाहरण मात्र हैं जो इस आदर्श व्यवसाय पर एक घिनौना धब्बा व अध्यापक वर्ग में भी बढ़ रही नैतिक गिरावट का परिणाम है। अत: ऐसा करने वाले अध्यापकों को शिक्षाप्रद सजा दी जाए ताकि उनके द्वारा उत्पीडऩ का यह दुष्चक्र रुके ।-विजय कुमार

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