Edited By ,Updated: 10 Sep, 2026 04:40 AM

आज देश में शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन लगातार बढ़ रहा है। इसी सिलसिले में जहरीली शराब के इस्तेमाल से होने वाली मौतों के कारण बड़ी संख्या में महिलाओं के सुहाग उजड़ रहे हैं व बच्चे अनाथ हो रहे हैं।
आज देश में शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन लगातार बढ़ रहा है। इसी सिलसिले में जहरीली शराब के इस्तेमाल से होने वाली मौतों के कारण बड़ी संख्या में महिलाओं के सुहाग उजड़ रहे हैं व बच्चे अनाथ हो रहे हैं। शराब के दुष्प्रभावों को देखते हुए ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान घोषणा की थी कि ‘‘यदि भारत का शासन आधे घंटे के लिए भी मेरे हाथ में आ जाए तो मैं शराब की सभी डिस्टिलरियों और दुकानों को बिना मुआवजा दिए ही बंद कर दूंगा।’’
जहरीली शराब से मौतों की इसी वर्ष की चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 18 जनवरी को ‘अन्नामया’ (आंध्र प्रदेश) जिले के ‘वंदाबद्दापल्ली’ गांव में जहरीली शराब पीने से 2 सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ‘मणिकुमार’ और ‘पुष्पराज’ की मौत हो गई।
* 13 मार्च को ‘सारण’ (बिहार) में जहरीली शराब पीने से 5 लोगों की मौत हो गई जबकि 4 अन्य की आंखों की रोशनी चली गई।
* 1 अप्रैल को ‘मोतिहारी’ (बिहार) में स्पिरिट से बनी जहरीली शराब पीने से 4 लोगों की मौत हो गई तथा 2 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई। शराब इतनी जहरीर्ली थी कि मात्र आधे घंटे के भीतर ही पीने वालों की आंखों की रोशनी धुंधली होनी शुरू हो गई।
* 4 अप्रैल को ‘पूर्वी चम्पारण’ (बिहार) जिले में जहरीली शराब पीने से 7 लोगों की मौत हो गई जबकि इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती 14 अन्य लोगों में से 6 की आंखों की रौशनी चली गई।
* 9 मई को ‘पुणे’ और ‘पिंपरी चिंचवड़’ (महाराष्टï्र) में जहरीली शराब पीने से एक ही दिन में 17 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
* 23 अगस्त को ‘भावनगर’ (गुजरात) में एक प्रसिद्ध विदेशी ब्रांड की नकली शराब पीने से 13 लोगों की मौत हो गई और लगभग 20 लोग बीमार पड़ गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
* 30 अगस्त को ‘पटना’ (बिहार) में 4 दोस्तों द्वारा नकली शराब पीने के बाद उन चारों के मुंह से झाग निकलने लगी और कुछ ही देर में उनकी हालत बहुत बिगड़ जाने से अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
* और अब 5-6 सितम्बर को ‘सागर’ (मध्य प्रदेश) जिले की ‘बंडा’ तहसील के विभिन्न गांवों घूघर, बराज, नौराज आदि गांवों में जहरीली नकली शराब पीने से एक बाप-बेटे समेत 15 लोगों की मौत हो गई और गंभीर रूप से बीमार हुए 160 से अधिक लोगों को इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि उत्तर प्रदेश के ललितपुर के एक गिरोह ने ब्रांडेड शराब के नकली रैपर और फर्जी बार कोड लगाकर उक्त जहरीली शराब बेची थी, जिसमें अत्यधिक मात्रा में ‘मिथाइल अल्कोहल’ मिला हुआ था।
इस सम्बन्ध में दर्ज की गई शिकायत के अनुसार अधिक मुनाफे के लिए कैमिकल से बनाई जा रही शराब का पव्वा ‘बम्बइया’ नाम से असली कीमत से 20 रुपए कम कीमत पर बेचा जा रहा था।
इस सम्बन्ध में 20 लोगों पर केस दर्ज करके लगभग एक दर्जन लोगों को हिरासत में लेने के अलावा 5 अधिकारियों को निलम्बित तथा आधा दर्जन शराब की दुकानों को सील किया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में अवैध, कच्ची और नकली शराब का प्रतिवर्ष लगभग 66,000 करोड़ रुपयों का कारोबार है। जहरीली शराब से प्रतिवर्ष 700 से 1000 तक लोगों की मौत हो रही है और कई बार तो यह आंकड़ा 1000 से भी पार हो जाता है। ‘राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो’ के अनुसार वर्ष 2019 में जहरीली शराब से देश में 1296 लोगों की मौत हुई थी। वर्ष 2002 से 2020 के बीच देश में जहरीली शराब से 22,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी थी तथा अब तक तो यह आंकड़ा कहीं अधिक बढ़ गया होगा। इस समय जबकि देश भर में नशों के कारण बड़ी संख्या में मौतें हो रही हैं, सस्ती जहरीली शराब पिला कर लोगों की मौतों का कारण बनने वालों के लिए कठोरतम और शिक्षाप्रद दंड का प्रावधान करना समय की मांग है ताकि जहरीली शराब के इस्तेमाल पर रोक लगाकर लोगों के अनमोल प्राण बचाए जा सकें।—विजय कुमार