‘देश में बढ़ रहा रिश्वत’ का महारोग’‘छोटे  कर्मियों  से  लेकर उच्च अधिकारी  तक  शामिल’

Edited By Updated: 18 Apr, 2025 05:14 AM

the great disease of bribery is increasing in the country

भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार की ‘जीरो टॉलरैंस’ नीति के दावे के बावजूद रिश्वतखोरी के मामलों में कोई कमी नजर नहीं आ रही और इसमें चंद निचले स्तर के सरकारी कर्मचारियों से लेकर उच्च पदों पर बैठे अधिकारी तक शामिल पाए जा रहे हैं जिसके मात्र 20 दिनों के...

भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार की ‘जीरो टॉलरैंस’ नीति के दावे के बावजूद रिश्वतखोरी के मामलों में कोई कमी नजर नहीं आ रही और इसमें चंद निचले स्तर के सरकारी कर्मचारियों से लेकर उच्च पदों पर बैठे अधिकारी तक शामिल पाए जा रहे हैं जिसके मात्र 20 दिनों के उदाहरण निम्न में दर्ज हैं :

* 28 मार्च को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर (राजस्थान) के अधिकारियों ने कमॢशयल टैक्स विभाग के 2 अधिकारियों महेश कुमार और नरेंद्र सिंह को एक लाख रुपए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। 
* 8 अप्रैल को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सी.बी.आई.) ने सरकारी खरीद से जुड़े एक मामले में 7 लाख रुपए रिश्वत लेने के आरोप में उत्तर रेलवे के 3 अधिकारियों साकेत चंद्र श्रीवास्तव, तपेंद्र सिंह गुर्जर तथा अरुण जिंदल के अलावा एक निजी कम्पनी के अधिकारी को गिरफ्तार किया। आरोपियों के ठिकानों की तलाशी के दौरान लगभग 63.85 लाख रुपए नकद, 3.46 करोड़ रुपए की सोने की छड़ें और आभूषण भी बरामद किए गए। 
* 15 अप्रैल को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने ‘गौरेला पेंडरा-मरवाही’ (छत्तीसगढ़) जिले में राजस्व निरीक्षक ‘संतोष चंद्र सेन’ को एक किसान से उसकी जमीन की हदबंदी करने के बदले में 50,000 रुपए  रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया जबकि उसका साथी अधिकारी ‘घनश्याम भारद्वाज’ फरार होने में सफल हो गया। 

* 15 अप्रैल को ही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सी.बी.आई.) ने एक विवाद का निपटारा करने के बदले में अपने ही विभाग के 2 अधिकारियों के विरुद्ध 35 लाख रुपए रिश्वत मांगने तथा वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी के विरुद्ध इसी मामले में ‘एनफोर्समैंट डिपार्टमैंट’ (ई.डी.) के अधिकारियों को प्रभावित करने के बदले में 50,000 रुपए रिश्वत लेने के आरोप में केस दर्ज किया।
* 15 अप्रैल को ही भ्रष्टïाचार निरोधक विभाग की टीम ने ‘हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग’  बरेली (उत्तर प्रदेश) में तैनात ‘टैक्सटाइल इंस्पैक्टर’ आदित्य प्रकाश को शिकायतकत्र्ता से 20,000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। 
* 16 अप्रैल को ‘बरेली’ (उत्तर प्रदेश) में आंगनबाड़ी में भर्ती से जुड़े एक मामले में नौकरी दिलवाने के नाम पर एक महिला से 70,000 रुपए रिश्वत लेने के आरोप में ‘जिला विकास परियोजना अधिकारी’ (सी.डी.पी.ओ.) ‘कृष्ण चंद्र’ के विरुद्ध केस दर्ज किया गया।

* 16 अप्रैल को ही विजीलैंस ब्यूरो द्वारा ‘तरनतारन’ स्थित ‘पंजाब अनुसूचित जाति भूमि विकास और वित्त निगम’ में तैनात मैनेजर ‘चिमन लाल’ को शिकायतकत्र्ता से 10,000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
* 16 अप्रैल को ही विजीलैंस ब्यूरो ‘बरनाला’ (पंजाब) की टीम ने एक महिला शिकायतकत्र्ता से 15,000 रुपए रिश्वत लेने के आरोप में एक ‘कानूनगो’ और ‘पटवारी’ को गिरफ्तार किया। 
* 16 अप्रैल को ही विजीलैंस ब्यूरो द्वारा ‘काहनूवान’ (पंजाब) के एक आढ़ती की शिकायत के आधार पर मंडी के एक सुपरवाइजर ‘रशपाल सिंह’ को 7,000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।  
* 16 अप्रैल को ही ‘रतलाम’ (मध्य प्रदेश) में पी.एम. आवास योजना की किस्त की रकम एक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर करने के एवज में 20,000 रुपए रिश्वत लेने के आरोप में ‘बिजाखेड़ी’ गांव के सरपंच ‘घनश्याम कुमावत’ को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। 

* 17 अप्रैल को  ‘भुलत्थ’ (पंजाब) में विजीलैंस ब्यूरो ने वार्ड अटैंडैंट  मनप्रीत सिंह उर्फ ‘सोनू’ तथा कम्प्यूटर आप्रेटर ‘भोलू’ उर्फ ‘इस्माइल’ को ‘डोप टैस्ट’ की नैगेटिव रिपोर्ट जारी करने के बदले में 10,000 रुपए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। पकड़े जाने की परवाह किए बगैर रिश्वत लेने के उक्त उदाहरण दर्शाते हैं कि आज नौकरशाही सभी स्तरों पर कितनी भ्रष्ट हो चुकी है और भ्रष्टाचारियों के हौसले किस कदर बढ़ चुके हैं। अत: इस बुराई पर रोक लगाने के लिए भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध जोरदार अभियान छेडऩे और पकड़े जाने वालों को शिक्षाप्रद दंड देने की तुरंत आवश्यकता है।—विजय कुमार      

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