Edited By Pardeep,Updated: 05 May, 2025 11:41 PM

इजराइल ने रविवार देर रात यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई मिसाइल का जवाब देते हुए यमन के हुदैदाह बंदरगाह पर बड़ा हवाई हमला किया। यह मिसाइल इज़राइल के मुख्य बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पास गिरी थी।
इंटरनेशनल डेस्कः इजराइल ने रविवार देर रात यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई मिसाइल का जवाब देते हुए यमन के हुदैदाह बंदरगाह पर बड़ा हवाई हमला किया। यह मिसाइल इज़राइल के मुख्य बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पास गिरी थी। हमला इतना जबरदस्त था कि बंदरगाह पर आग का बड़ा गोला और आसमान में धुएं का गुबार देखा गया।
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हमले के बाद सख्त प्रतिक्रिया दी और कहा कि इज़राइल अपने ऊपर हुए हमले का पूरा जवाब देगा। नेतन्याहू ने कहा, "हम अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। हूती विद्रोहियों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।"
क्या हुआ था?
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रविवार को हूती विद्रोहियों ने यमन से एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की, जो इज़राइल के तेल अवीव शहर के पास स्थित बेन गुरियन एयरपोर्ट के नजदीक गिरी।
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यह पहला मौका था जब यमन से दागी गई कोई मिसाइल इज़राइल की सुरक्षा प्रणाली से बचकर अपने लक्ष्य तक पहुंच गई। इससे पहले दागी गई ज्यादातर मिसाइलें इज़राइली एयर डिफेंस सिस्टम ने रास्ते में ही नष्ट कर दी थीं।
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2024 में एक ड्रोन हमला भी तेल अवीव में हुआ था, लेकिन वह इस तरह के हमलों में एकमात्र था जो सफल रहा।
हूती विद्रोहियों की धमकी
इज़राइली हमले के जवाब में हूती विद्रोहियों ने घोषणा की है कि वे इज़राइल पर "पूर्ण हवाई नाकाबंदी" लगाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे इज़राइल के सभी हवाईअड्डों को बार-बार निशाना बनाएंगे। उनका मुख्य निशाना फिर से बेन गुरियन एयरपोर्ट ही रहेगा।
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हूती विद्रोहियों के मानवतावादी संचालन समन्वय केंद्र (Humanitarian Operations Coordination Center) ने इस संबंध में एक ईमेल इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) और संयुक्त राष्ट्र के इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) को भेजा है।
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इस ईमेल में सभी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों से आग्रह किया गया है कि वे इज़राइल के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दें ताकि उनके विमानों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अब इस स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ गई है। रेड सी और मिडिल ईस्ट के अन्य इलाकों में पहले ही तनाव की स्थिति है और इस तरह के हमले व जवाबी कार्रवाइयों से युद्ध की आशंका और बढ़ गई है। हूती विद्रोही खुद को फिलिस्तीनियों के समर्थन में खड़ा बताते हैं, जबकि इज़राइल उन्हें ईरान समर्थित आतंकवादी समूह मानता है।