Edited By Radhika,Updated: 10 Apr, 2026 12:53 PM

EV की दुनिया में तकनीकी खराबी केवल एक 'ग्लिच' नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। एक ऐसा ही खौफनाक अनुभव हाल ही में एक टाटा EV यूजर को हुआ, जिसने आधी रात को चार्जिंग न होने और कंपनी की लापरवाही के कारण खुद को असुरक्षित पाया।
ऑटो डेस्क: EV की दुनिया में तकनीकी खराबी केवल एक 'ग्लिच' नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। एक ऐसा ही खौफनाक अनुभव हाल ही में एक टाटा EV यूजर को हुआ, जिसने आधी रात को चार्जिंग न होने और कंपनी की लापरवाही के कारण खुद को असुरक्षित पाया। आइए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला?
क्या है पूरी घटना?
पीड़ित शख्स के अनुसार, रात 12:00 बजे जब उनकी गाड़ी की बैटरी लगभग खत्म होने वाली थी, तब उन्होंने टाटा के एक चार्जिंग स्टेशन का रुख किया लेकिन सॉफ्टवेयर में खराबी के कारण चार्जर ने काम नहीं किया। शख्स ने जब मदद के लिए जब कंपनी से संपर्क किया गया, तो उन्हें काफी हैरान करने वाला रिएक्शन मिला। यूजर का आरोप है कि टाटा मोटर्स की टीम ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वे 'टाटा मोटर्स' से हैं, 'टाटा पावर' से नहीं। हद तो तब हो गई जब एक टीम मेंबर ने कथित तौर पर यह कहा कि वह परिवार के साथ व्यस्त है और बात नहीं कर सकता।
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Privacy पर भी उठे गंभीर सवाल
इस घटना के दौरान यूजर ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब उन्होंने अपना मोबाइल नंबर साझा ही नहीं किया, तो टाटा की टीम ने उन्हें कॉल कैसे किया? यह सीधे तौर पर डेटा ब्रीच और प्राइवेसी के उल्लंघन का मामला नजर आता है।
मदद के लिए आगे आए 'Xroaders'
जब कंपनी के सारे सपोर्ट सिस्टम फेल हो गए, तब सोशल मीडिया हैंडल @Xroaders_001 के सदस्यों ने मदद की और पीड़ित को सुरक्षित घर पहुँचाया। यूजर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सॉफ्टवेयर की खराबी केवल एक तकनीकी समस्या नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।