OTA गया पासिंग आउट परेड: ले. जनरल धीरज सेठ ने युवा अधिकारियों को दिया LEADER मंत्र

Edited By Updated: 08 Mar, 2026 11:57 AM

lt gen dheeraj seth urges new officers to follow leader code

अकादमी (OTA) गया में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने नव नियुक्त अधिकारियों को अपने सैन्य जीवन में नेतृत्व के मूल्यों को अपनाने की सलाह देते हुए “LEADER” कोड को मार्गदर्शक...

ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) गया में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने नव नियुक्त अधिकारियों को अपने सैन्य जीवन में नेतृत्व के मूल्यों को अपनाने की सलाह देते हुए “LEADER” कोड को मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में अपनाने का आह्वान किया।

परेड की समीक्षा करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने कहा, “जब आप इस महान यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं, तो मैं आपको एक सरल मार्गदर्शक देना चाहता हूं—ऐसे स्थायी सिद्धांतों का समूह जो ‘LEADER’ शब्द में समाहित हैं। यह कोड आपके पूरे सैन्य करियर में आपका मार्गदर्शन करेगा।”

उन्होंने बताया कि LEADER का अर्थ है  Lead by Example (उदाहरण प्रस्तुत कर नेतृत्व करना), Empathy (सहानुभूति), Accountability (जवाबदेही), Duty before Self (स्वयं से पहले कर्तव्य), Ethical Conduct (नैतिक आचरण) और Resilience (धैर्य एवं दृढ़ता)। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में सेवा शुरू करने जा रहे युवा अधिकारियों के चरित्र और आचरण में ये सिद्धांत हमेशा केंद्र में रहने चाहिए।

लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने कहा कि वर्दी में नेतृत्व का अर्थ है व्यक्तिगत उदाहरण स्थापित करना, सैनिकों की आकांक्षाओं और चुनौतियों को समझना तथा हर परिस्थिति में ईमानदारी और नैतिकता बनाए रखना। उन्होंने कहा कि जवाबदेही रैंकों के बीच विश्वास को मजबूत करती है, जबकि दृढ़ता कमांडरों को युद्धक्षेत्र में आने वाली चुनौतियों और अनिश्चितताओं का सामना करने की क्षमता देती है।

इस अवसर पर वे अकादमी में 64वीं शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल) एंट्री — पुरुष और 35वीं शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल) एंट्री — महिला के कैडेट्स की पासिंग आउट परेड की समीक्षा कर रहे थे।

नव नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षण उनके प्रशिक्षणार्थी से कमीशंड अधिकारी बनने के महत्वपूर्ण परिवर्तन का प्रतीक है और यह सम्मान, कर्तव्य तथा राष्ट्र सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि युवा अधिकारी ऐसे समय में सशस्त्र बलों में शामिल हो रहे हैं जब वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा वातावरण तेजी से बदल रहा है और साइबर तथा सूचना युद्ध जैसे नए आयाम सामने आ रहे हैं।

हाल के सैन्य अभियानों का उल्लेख करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर जैसे मिशन यह दर्शाते हैं कि भारत बहु-आयामी क्षमताओं के समन्वय और सतत परिचालन तैयारी के माध्यम से त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने में सक्षम है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते समय सुरक्षित और स्थिर वातावरण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी काफी हद तक सशस्त्र बलों के कंधों पर होगी।

युवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आपके देश की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण सबसे पहले है—हर समय और हर परिस्थिति में।” उन्होंने उन्हें भारतीय सेना की सर्वोच्च परंपराओं को बनाए रखते हुए राष्ट्र सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

समारोह के दौरान कुल 281 अधिकारी कैडेट्स को कमीशन प्रदान किया गया, जिनमें SSC (टेक) पुरुष–64 कोर्स के 253 और SSC (टेक) महिला–35 कोर्स की 28 कैडेट्स शामिल थीं। ये कैडेट्स देश के विभिन्न क्षेत्रों और पृष्ठभूमियों से आते हैं, जो भारतीय सेना की समावेशी भर्ती नीति को दर्शाता है। साथ ही 28 महिला अधिकारियों का कमीशन होना तकनीकी भूमिकाओं में बढ़ती लैंगिक भागीदारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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