Edited By Tanuja,Updated: 07 Mar, 2026 04:33 PM

मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Iran का मिसाइल और ड्रोन भंडार तेजी से घट रहा है। शुरुआती दिनों में सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन दागे गए, लेकिन पांचवें दिन तक संख्या काफी कम हो गई। United States और Israel के हमलों को इसकी वजह बताया...
International Desk: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के पांच दिनों में ईरान की मिसाइल क्षमता में बड़ी गिरावट का दावा किया गया एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Iran की मिसाइल और ड्रोन क्षमता तेजी से कम होती जा रही है। सोशल मीडिया विश्लेषण प्लेटफॉर्म The Iran Watcher के मुताबिक युद्ध के शुरुआती दिनों में ईरान ने भारी संख्या में मिसाइल और ड्रोन दागे, लेकिन पांचवें दिन तक इनकी संख्या तेजी से गिर गई।रिपोर्ट के अनुसार: पहले दिन 350 बैलिस्टिक मिसाइलें व पांचवें दिन सिर्फ 40 मिसाइलें दागी गईं। यह गिरावट संकेत देती है कि ईरान की हमलावर क्षमता पर दबाव बढ़ रहा है।
🚨🇮🇷 Iran’s missile arsenal is getting wiped out; they opened with about 350 ballistic missiles on Day 1, but by Day 5, they were down to roughly 40.
Drone launches were the same story: nearly 300 the first day, over 500 the second, then collapsing to around 45 by Day 5.… https://t.co/66JLabS3x8 pic.twitter.com/HeGg493Bf8
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) March 7, 2026
ड्रोन हमलों का पैटर्न भी लगभग इसी तरह देखा गया। पहले दिन करीब 300 ड्रोन लॉन्च, दूसरे दिन 500 से अधिक ड्रोन जबकि पांचवें दिन केवल लगभग 45 ड्रोन दागे गए। विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरावट या तो भंडार कम होने या लॉन्च क्षमता को नुकसान पहुंचने का संकेत हो सकती है।रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि युद्ध के पूरे सप्ताह में ईरान ने करीब 25 क्रूज़ मिसाइलें ही दागीं।इसके बाद ग्राफ लगभग सपाट हो गया, यानी क्रूज़ मिसाइल हमले लगभग बंद हो गए। विश्लेषण के मुताबिक इस गिरावट की एक बड़ी वजह United States और Israel द्वारा किए जा रहे लगातार हमले हो सकते हैं।
इन हमलों में कथित तौर पर मिसाइल लॉन्चर, ड्रोन कंट्रोल हब, अंडरग्राउंड स्टोरेज डिपोज को निशाना बनाया गया है। यदि ये ठिकाने नष्ट होते हैं तो मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करना कठिन हो जाता है। क्या सचमुच खत्म हो रहा है ईरान का हथियार भंडार? हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और युद्ध के दौरान आंकड़े अक्सर बदलते रहते हैं।सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के पास लंबे समय से बड़ा मिसाइल भंडार माना जाता रहा है, इसलिए यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि उसकी क्षमता खत्म हो रही है।रिपोर्ट में मिसाइल और ड्रोन हमलों की संख्या में तेज गिरावट का दावा किया गया है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अगर यह रुझान सही साबित होता है तो मिडिल ईस्ट के युद्ध में शक्ति संतुलन पर बड़ा असर पड़ सकता है।