Edited By Anil Kapoor,Updated: 08 Mar, 2026 10:38 AM

इंटरनेशनल डेस्क: मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष अब अपने सबसे खतरनाक और विनाशकारी दौर में पहुंच गया है। शनिवार देर रात अमेरिका और इजरायली वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान को दहला दिया। इस बार हमलों का निशाना सैन्य ठिकानों के बजाय ईरान की आर्थिक रीढ़...
इंटरनेशनल डेस्क: मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष अब अपने सबसे खतरनाक और विनाशकारी दौर में पहुंच गया है। शनिवार देर रात अमेरिका और इजरायली वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान को दहला दिया। इस बार हमलों का निशाना सैन्य ठिकानों के बजाय ईरान की आर्थिक रीढ़ यानी तेल डिपो और ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) को बनाया गया है।
धमाकों से गूंजा तेहरान और करज
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, दक्षिण तेहरान और उत्तर-पश्चिमी इलाके के शहरान (Shahran) तेल डिपो पर ताबड़तोड़ मिसाइलें गिराई गईं। हमले इतने भीषण थे कि इनकी गूंज पड़ोसी शहर करज (Karaj) तक सुनाई दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तेहरान के आसमान में आग की ऊंची लपटें और धुएं का काला गुबार साफ देखा जा सकता है।
इजरायल का दावा: 'ईरानी सेना की कमर तोड़ी'
इजरायली सेना ने इन हमलों की आधिकारिक जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उन्होंने उन ईंधन भंडारण केंद्रों को नष्ट कर दिया है, जिनका इस्तेमाल ईरानी सशस्त्र बल अपनी सैन्य गतिविधियों के लिए कर रहे थे। हमलों की चपेट में शहर-ए-रे जिले की मुख्य रिफाइनरी और अल्बोर्ज प्रांत के कई महत्वपूर्ण ऑयल डिपो भी आए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की खुली चेतावनी
यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के तुरंत बाद हुआ, जो उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर दी थी। ट्रंप ने लिखा कि आज ईरान पर बहुत बुरा असर पड़ेगा! अभी और भी ईरानी अधिकारी हमारे निशाने पर होंगे।
मौत का खौफनाक आंकड़ा
एपी (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, एक हफ्ते पहले शुरू हुए इस सीधे युद्ध में अब तक भारी जानी नुकसान हुआ है:-
- ईरान: 1,230 से ज्यादा मौतें।
- लेबनान: 290 से अधिक लोग मारे गए।
- इजरायल: लगभग एक दर्जन लोगों की जान गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेल क्षेत्रों पर यह हमला ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह पंगु बनाने की एक सोची-समझी रणनीति है, जिससे युद्ध की आग पूरे विश्व में फैलने का खतरा बढ़ गया है।